हिंदुस्तान के हरिद्वार कार्यालय भ्रष्टाचार का अड्डा बना हुआ है. इस तरह की शिकायतें लगातार आती रही हैं, लेकिन हिंदुस्तान से पिछले दिनों इस्तीफा देने वाले पत्रकार आदेश त्यागी के आरोपों के बाद इस मुहर लगती भी दिख रही है. हिंदुस्तान के साथ हरिद्वार में पंद्रह सालों से कार्यरत आदेश त्यागी ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद अब उन्होंने एसएमएम के माध्यम से हरिद्वार कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार की पोल खोलना शुरू किया है.
पूरे उत्तराखंड में हिंदुस्तान को मजबूत करने में जुटे संपादक गिरीश गुरनानी भी हरिद्वार से लगातार मिल रही शिकायतों से असहज बताए जा रहे हैं. लगातार शिकायतों के बाद उन्होंने शोभित श्रीवास्तव को देहरादून से भेजकर स्थिति संभालने की कोशिश की है, इसके बाद भी हरिद्वार में लंबे समय से डंटे पत्रकार खुद अखबार के लिए चुनौती बन रहे हैं. आदेश त्यागी ने अपने एसएमएस में आरोप लगाया है कि हिंदुस्तान के रिपोर्टर 40 अवैध क्रशरों को संरक्षण देकर चार लाख रुपये कमा रहे हैं. आदेश का आरोप है कि प्रत्येक अवैध क्रशर को संरक्षण देकर इनसे दस हजार रुपये महीना वसूला जा रहा है.
इसके अलावा भी हिंदुस्तान के कई रिपोर्टर अवैध उगाही में लगे हुए हैं. पिछले दिनों हिंदुस्तान, देहरादून से जांच के लिए भेजे गए वरिष्ठ पत्रकार नवीन थलेड़ी से डीएम ने भी इस बारे में शिकायत की थी. नवीन ने अपनी जांच रिपोर्ट संपादक गिरीश गुरनानी को सौंप चुके हैं. माना जा रहा है कि हरिद्वार में अखबार को मजबूती देने के लिए संपादक बड़े बदलाव को अंजाम दे सकते हैं क्योंकि लगातार मिल रही शिकायतों के चलते अखबार का काम भी प्रभावित हो रहा है. अखबार के लिए रणनीतियां बनाने की बजाय प्रबंधन के शिकायतों के निस्तारण में ही उलझना पड़ रहा है.





