कोलकाता। पश्चिम बंगाल अदालत ने गुरुवार को शारदा ग्रुप के प्रवर्तक तथा कई चैनल तथा अखबारों को संचालित करने वाले सुदीप्तो सेन और देबजनी मुखर्जी सहित उनके दो करीबियों की जमानत याचिका रद्द करते हुए उन्हें पहले मामले में नौ दिनों की पुलिस हिरासत और दूसरे मामले में दो सप्ताह की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। बिधाननगर के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ए.एच.एम. रहमान ने दो अलग-अलग मामलों की सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया।
अदालत ने अर्पिता घोष नामक महिला द्वारा दर्ज एफआईआर की सुनवाई करते हुए तीनों आरोपियों को 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा। पुलिस ने बीते 23 अप्रैल को आरोपियों को गिरफ्तार किया था। दूसरी एफआईआर कन्नौज मंडल नाम के निवेशक ने दर्ज कराई थी। दोनों ही मामलों में चिटफंड कंपनी शारदा ग्रुप पर घोटाले के आरोप हैं।
घोटाले के तीनों आरोपियों को पहले मामले में 14 दिनों की न्यायिक हिरासत एवं दूसरे मामले में नौ दिनों की पुलिस हिरासत में रखने का फैसला अदालत ने सुनाया है। आरोपियों की जमानत की अर्जी देते हुए बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि उनके मुवक्किलों ने जांच के दौरान पुलिस के साथ पूरा सहयोग किया था। उन्होंने निवेशकों के रुपये लौटाने से इनकार नहीं किया है, न ही उनकी मंशा फरार होने की है। अदालत ने हालांकि उनकी याचिका खारिज करते हुए उन्हें हिरासत में भेज दिया है।





