जालंधर में एक समाचार कवरेज को पहुंचे पत्रकारों के साथ एक एएसआई ने न केवल बदतमीजी की बल्कि वह गाली-ग्लौज और धक्का मुक्की करने के बाद पत्रकारों पर पिस्तौल तानकर उन्हें दौड़ा भी लिया। इतने से भी उनका जी न भरा तो एक कैमरामैन की कनपटी में पिस्तौल तानकर कैमरा छीन लिया। बाद में पत्रकारों ने धरना दिया तो एडीसीपी नवजोत सिंह माहल मौके पर पहुंचे तथा आरोपी एएसआई कृपाल सिंह पर केस दर्ज किया। इसके बाद उसे सस्पेंड करते हुए लाइन हाजिर कर दिया गया। एएसआई कृपाल सिंह पर आईपीसी की धारा 382 (लूट), 323 (मारपीट), 336 (हवा में पिस्तौल लहराना) और 506 (जान से मारने की धमकियां देना) लगाई गई है।
बताया जा रहा है कि थाना डिविजन चार में मां और बेटी किसी विवाद को लेकर पहुंची थीं। इसकी सूचना मिलने पर पत्रकार भी थाने पहुंच गए। पत्रकारों ने जब एएसआई कृपाल सिंह से जानना चाहा तो वो बदतमीजी पर उतर आया। पहले गाली-ग्लौज की। इससे भी मन नहीं भरा तो पत्रकारों से हाथापाई और धक्का मुक्की करने लगा। पत्रकारों ने जब विरोध किया तो वो अपनी सरकारी पिस्टल निकालकर पत्रकारों को दौड़ा लिया। जब एक कैमरामैन इस पूरे मामले को शूट करने की कोशिश की तो कृपाल सिंह ने उस की कनपट्टी पर सर्विस रिवाल्वर तान दी।

जब दूसरे कैमरामैन ने इसे शूट करना चाहा तो उसका कैमरा छीन लिया। पत्रकारों ने थाने में विरोध शुरू किया तो एएसआई सरकारी पिस्तौल लेकर मीडियाकर्मियों के पीछे दौड़ पड़ा। एएसआई की गुंडागर्दी से घबराए कुछ पत्रकार सिविल अस्पताल में घुस गए तो कुछ ज्योति चौक की तरफ भाग निकले। इसके बाद पंजाब प्रेस क्लब के प्रधान मेजर सिंह और प्रिंट एंड इलेक्ट्रानिक मीडिया एसोसिएशन के महासचिव टिंकू पंडित की अगुवाई में पत्रकारों ने थाने के बाहर धरना दे दिया। एडीसीपी हेडक्वार्टर नवजोत सिंह माहल पहुंचे तथा पूरे मामले की जानकारी लेने के बाद एएसआई पर केस दर्ज कर लिया गया। केस दर्ज होने से पहले ही पुलिस मुलाजिमों ने थाने से एएसआई को गायब कर दिया।






