बाराबंकी। भारतीय स्टेट बैंक रामसनेहीघाट शाखा में पैसा जमा करने गये एक युवक की चौकी प्रभारी द्वारा अकारण पिटाई करने से आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम व कोतवाली का घेराव कर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। डीएम व एएसपी ने मौके पर पहुंचकर मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए। मामला सपा समर्थित प्रधान से जुडा होने से कृषि राज्यमंत्री राजीव कुमार सिंह भी अपने कार्यकर्ताओं के साथ कोतवाली गेट पर धरने पर बैठ गये। मुख्यमंत्री व आईजी के हस्ताक्षेप के बाद दोषियों पर मुकदमा दर्ज कर कोतवाल सहित तीनो को लाइन हाजिर कर दिया गया।
मंगलवार को धरौली निवासी मनीष यादव पुत्र पतिराम भारतीय स्टेट बैंक सुमेंरगंज दोपहर में रूपयें जमा करने गया था। मनीष के मुताबिक बैंक में भीड़ अधिक होने के कारण वह लाइन में नहीं लग सका था। तभी बैंक चेकिंग के प्रभारी बनाये गये हथौंधा चौकी प्रभारी अश्विनी कुमार मिश्र बैंक पहुंचे और उससे लाइन में न लगने को लेकर पुलिस रौब दिखाने लगे। दोनो में कहासुनी होने लगी। चौकी प्रभारी ने मनीष की पिटाई करना शुरू कर दिया। पिटाई के बाद उसे कोतवाली ले आए। जहां पर कोतवाल व सिपाही सुधीर सिंह ने भी उसकी खूब पिटाई की। पुलिस की पिटाई से मनीष के दहिने चेहरे, अगूंठे व ऊपरी होंठ में काफी चोटे आई है। युवक की चाची धरौली की महिला ग्राम प्रधान शिमला देवी भी कोतवाली पहुंची। उनका आरोप है कि उनसे भी कोतवाली प्रभारी ने अभद्रता की। महिला ग्राम प्रधान की अभद्रता से आक्रोशित सपाई व हजारों कस्बावासियों ने सड़क जाम कर कोतवाली का घेराव कर लिया तथा धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। मामले की जानकारी होतेे ही डीएम को दी गई। डीएम मिनिस्ती एस. व एएसपी कुलदीप नारायण ने स्थिति का जायजा लिया और मजिस्टेªटिक जांच के निर्देश मजिस्टेªट प्रेम प्रकाश पाल को दिए। मजिस्टेªटिक जांच में कोतवाली प्रभारी रामदरस यादव, अश्विनी कुमार व सुधीर सिंह दोषी पाये गये। जांच में दोषी पाये जाने के बाद भी घण्टों तक कोई कार्रवाई न होने पर सपाई भड़क उठे और फिर रोड़ जाम कर दिया। इसके बाद जानकारी होने पर अपने कार्यकर्ताओं के साथ कृषि राज्यमंत्री राजीव कुमार सिंह भी कोतवाली पहुंच गये। वह भी कोतवाली परिसर के बाहर धरने पर बैठ गये। उनके साथ सपा जिलाध्यक्ष मौलाना मेराज सहित सैकड़ों लोग धरने में शामिल रहे। कृषि राज्यमंत्री राजीव कुमार सिंह ने बताया कि वह दो हजार आदमियों के साथ थाने के बाहर बैठे है। जब तक उन्हे एफआईआर की कापी व लाइन हाजिर का आदेश नहीं मिल जायेगा। तब वह कोतवाली के बाहर बैठे रहेंगे।
खाकी की दबंगई पर घंटो घिघयाती रही लालबत्ती
डीएम का आदेश व दरी पर सपाई, सरकार की साख पर पुलिसिया दबंग ने पोत दी कालिख
रिज़वान मुस्तफा
बाराबंकी। प्रदेश के मुख्यमंत्री की मेहनत पर पानी फेरने में खाकी अब भी पीछे होती नजर नहीं आ रही है। रामसनेहीघाट में खाकी ने बैंक में दबंगई की, युवक को पीटा। डीएम ने कार्यवाही का आदेश दिया। लेकिन कुछ न हुआ तो सपाई धरने पर जा बैठे। प्रदेश सरकार के मंत्री भी कार्यवाही को लेकर सपा जिलाध्यक्ष सहित घंटो थाने में बैठे अपनी हनक-धमक को कोसते नजर आये। जाहिर था कि खाकी की बेलगाम दबंगई ने लालबत्ती की साख पर सरेआम कालिख पोत डाली थी।
बाराबंकी जनपद में पुलिस कुछ भी करे कप्तान सैयद वसीम अहमद को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। चाहे सरकार बदनाम हो या सरकार के लोग पीटे जाये अथवा उनके साथ कुछ भी हो जाये मगरूर एसपी इस ओर ध्यान ही नहीं देते। आरएस घाट में हैदरगढ़ से आये कोतवाल आरडी यादव ने यहां भी बेलगाम खाकी के दर्शन करवा दिये। यह वही शख्स है जिसने हैदरगढ़ में महिला को पीटा, डकैतियों को चोरी दिखाया व फरियादियों को अपमानित किया। बदले में कप्तान ने इसे वहां से हटाया तो आरएसघाट कोतवाली का प्रभारी बना दिया। जुम्मा-जुम्मा पहले आया यह कोतवाल अपनी औकात पर यहां उतर आया। मनीष नामक युवक को इसने बैंक में पीटा, बाहर पीटा, फिर थाने में लाकर पीटा। इसके साथी बने दरोगा अश्वनी कुमार व एक अन्य सुधीर कुमार। जनता ने जाना तो उसका गुस्सा भड़क उठा। सपा सरकार में सपाई की पिटाई पर तमाम सपाई थाने में दरा बिछाकर जा बैठे। जानकारी हुई तो सपा के जिलाध्यक्ष मौलाना मेराज भी समझाने के नाम पर मौके पर जा धमके। उससे पहले जिलाधिकारी भी आयी थी उन्होंने तीनों पुलिस कर्मियों के खिलाफ निलम्बन के निर्देश देते हुए इनके खिलाफ रपट दर्ज करने के भी आदेश दिये थे। अतिरिक्त जिलाधिकारी प्रेम प्रकाश पाल ने जांच में ही इन पुलिस कर्मियों को दोषी पाया। लेकिन प्रदेश सरकार के एक मंत्री से नजदीकी संबंध बताने वाले कप्तान को डीएम का आदेश नहीं सुनाई दिया। आखिरकार कुछ देर बाद क्षेत्रीय विधायक व प्रदेश सरकार के कृषि राज्यमंत्री राजा राजीव सिंह भी मौके पर जा पहुंचे।
फिर रामसनेहीघाट में शुरू हुआ खाकी की गुण्डई के सामने लालबत्ती का मिमयाना अथवा घिघयाना। रात आठ बजे यहां लालबत्ती पुलिसिया गुण्डई के सामने बड़े-बड़े आंसू बहाती रही। लेकिन कप्तान का फोन न उठा तो न उठा। बातचीत में मंत्री व जिलाध्यक्ष महोदय ने बताया कि वह धरने में बैठे सपाइयों को समझाने आये हैं। लेकिन स्थिति बहुत कुछ बयां कर रही थी। बिगड़ेल वर्दी के सामने सरकार अपनी साख पर कालिख पोतवा रही थी। स्वयं राज्यमंत्री ने कहा कि यह कप्तान ऐसा कुछ करवा देगा कि उसकी भरपाई नहीं की जा सकेगी। मौलाना मेराज बोले यह मगरूर इन्सान भ्रष्टाचार का कारक बन गया है। पता चला है कि कई घंटो तक खाकी के सामने बकरी बनकर मिमयाती लालबत्ती को राहत उस समय मिली जब आईजी जोन लखनऊ परिक्षेत्र सुभाष चन्द्र ने इस मामले में हस्तक्षेप किया। साफ था कि जिले के कप्तान ने एक बार फिर जिलाधिकारी के निर्देशों को धता बता डाला। यहां तक की राज्यमंत्री तक को भी अपनी हैसियत बता डाली। सवाल क्षेत्र व जनपद में यह है कि जब सपा के जिलाध्यक्ष व कार्यकर्ताओं नेताओं तथा राज्यमंत्री तक को अपनी रपट लिखाने के लिए दरे पर आसीन होना पड़ रहा है तो आम आदमी का इस सरकार में क्या हाल है इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। कुछ लोगों का कहना है कि कप्तान व कोतवाल जैसे लोगों ने यह ठान रखा है कि वे मुख्यमंत्री जी कितनी भी मेहनत करें लेकिन हम सपा सरकार की साख में पलीता लगाकर ही दम लेंगे। फिलहाल रामसनेहीघाट में जो हुआ उसका नतीजन यदि प्रदेश सरकार द्वारा कोई बड़ी कार्यवाही नहीं होती तो आने वाले समय में यह प्रदेश सरकार की फजीहत को बढ़ाता ही जायेगा।





