सुलतानपुर। देश की आज़ादी से लेकर आजतक ब्रहामण समाज निष्ठावान भाव से देश के लिये सर्पित है लेकिन गैर बसपाई सभी सरकारें इस द्विव्य समाज का त्रिस्कार करती चली आ रही हैं। कभी कांग्रेस ने सरकार बनाने का लिये ब्रहामण समाज का इस्तेमाल किया तो कभी भाजपा और सपा ने लेकिन इन दलों ने समाज को छलने के अलावा कुछ नहीं दिया। उक्त बातें बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सदस्य सतीशचन्द्र मिश्र ने यहां आयोजित ब्रहामण समाज सम्मेलन में कहीं।
बीएसपी के राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद श्री मिश्र ने कहा कि जिस ब्रहामण समाज ने आजादी की लड़ाई में अहम योगदान दिया आजादी के फौरन बाद कांग्रेस की सरकार आते ही इस समाज को कांग्रेस पार्टी ने जमकर छला। पांच दश्क के बाद भगवान राम के नाम की दोहाई देकर सत्ता में आई भाजपा ने भी वही काम किया जो कांग्रेस कर गुजरी थी। वैसे भाजपा से उम्मीद लगाना ही गलत था जो पार्टी भगवान से किये हुए वादे से मुकर गई उससे भला क्या उम्मीद रखा जा सकता है। वहीं इन दिनों समाजवादी पार्टी के ब्राहमण प्रेम पर अपनी भड़ास निकालते हुए श्री मिश्र ने कहा कि परशुराम जयंती के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित कर सपा ब्रहामण वोट की राजनीति कर रही है जबकि सच्चाई इससे इतर है। उन्होंने कहा कि हाल में होने वाले लोकसभा चुनाव में जहां बहन मायावती ने ब्रहामण समाज को आर्शिवाद स्वरुप प्रदेश के अन्दर 21 सीटें दी वहीं सपा ने महज 4 सीटें ही दी। वह राजनीतिक कूटनीति के साथ। लखनऊ, उन्नाव भदोही पर सपा ने ब्रहामण चेहरों को उतारा है जबकि बसपा ने यहां से पहले ही ब्रहामण चेहरे उतार रखे थे। वहीं विधानसभाध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय को शहीद करने की नियत से मैदान में उतारा ताकि उन्हें विधानसभाध्यक्ष पद से हटा दिया जाय। श्री मिश्र ने कहा कि सपा राज्य में ब्रहामणों का आलम तो यह है कि मैनपुरी और कन्नौज जैसे सपा मई इलाकों में ब्रहामण समाज का त्रिस्कार जारी है। कहीं ब्रहामणों को जूते की माला पहनाकर बेइज्जत किया जा रहा है तो कहीं मार पीटकर उन्हें हलाकान किया जा रहा है। श्री मिश्र ने अपने समाज के लोगों से अपील किया कि प्रदेश के अन्दर 16 प्रतिशत ब्रहामण वोट है इस समाज के साथ दलित समाज को अगर जोड़कर चलें तो उनके पास 25 प्रतिशत वोट बैंक हैं ऐसे में उन्हें मैदान मारने से कोई नहीं रोक सकता।
सुलतानपुर से असगर नकी की रिपोर्ट.





