Alok Kumar : सीधा, सरल लेकिन चुभने वाला सवाल है। राजनीति को आईपीएल की तरह खेलने वाले राजीव शुक्ला जैसों की भूमिका पर गौर करने की हिम्मत सिस्टम में है या नहीं?
Jitendra Narayan राजीव शुक्ला राजनीतिज्ञों के दुलरूआ हैं । किसकी हिम्मत है जो इनके ख़िलाफ़ कार्रवाई करे ?
Alok Kumar कार्रवाई तो बाद की बात है। बस गौर करने का आग्रह कर रहा हूं।
Jitendra Narayan वो भी नहीं होगा ।
Rajat Amarnath nahi…………..
Gyanesh Srivastava मीडिया मंडी के अंदरखाने में चल रही लॉबी जब खत्म होगी तभी बहुतेरे पर गौर हो सकता है । गौर करने की श्रृंखला बहुत लंबी है आलोक जी, जब वो दिन आएगा तो आज राजनीति को जिस नजर से देखा जा रहा है उससे भी ज्यादा गंदी नजर अपने मीडिया को लेकर आन पड़ेगी। सिस्टम में किसी एक पर गौर करने या न गौर करने से कुछ नहीं होने वाला है । जब शुरूआत करनी हो तो अभियान चलाया जाए तो बेहतर है। अपने हमाम में ही बहुतेरे नंगे भरे पड़े हैं। उन पर भी गौर फरमाया जाए
Pushpendra Kulshrestha siyasi dalal hai
Ravish Shukla nahi hai
Krishna Kumar Kanhaiya नहीं….
वरिष्ठ पत्रकार आलोक कुमार के एफबी वॉल से साभार.





