बरनाला में शिरोमणि साहित्यकार बाबू रजब अली द्वारा लिखित विवादित पुस्तक 'गाथा सूरमियां दी' के संपादक जगजीत सिंह व विश्व भारती प्रकाशन बरनाला के मालिक अमित मित्र को पुस्तक में जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल करने के आरोप से अतिरिक्त जिला एवं सेशन जज बीएस संधू की अदालत ने वीरवार को बाइज्जत बरी कर दिया। यह मामला 16 सितंबर 2012 को थाना सिटी बरनाला की पुलिस ने तत्कालीन डीएसपी हरमीक सिंह दयोल की शिकायत पर केस दर्ज किया था।
अदालत में चालान पेश होने के बाद आरोप तय करने के लिए हुई बहस के दौरान बचाव पक्ष के वकील राहुल गुप्ता ने अपनी दलीलों मे बताया कि नामजद आरोपियों ने करीब 50 वर्ष पहले लिखित मूल पुस्तक को संपादित ही किया है। यही नहीं, पुस्तक में लिखी बातें इससे पहले भी कई प्रकाशक प्रकाशित कर चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पुस्तक के संपादक भी अनुसूचित जाति से संबंधित है। अदालत ने उक्त दलीलों से सहमत हो पुलिस द्वारा नामजद दोनों आरोपियों को बरी कर दिया। (जा)





