दैनिक जागरण, इलाहाबाद से खबर है कि यहां इंक्रीमेंट के बाद असंतोष तो था ही प्रमोशन ने नाराजगी भी बढ़ा दिया है. अवधेश गुप्ता के प्रमोशन में कंजूसी बरतने से इलाहाबाद में तनाव की स्थिति है. कई कर्मचारी विकल्प के अभाव तक ही रूके हुए हैं, ज्यादातर नए विकल्पों की तलाश शुरू कर दी है. खबर है कि यहां मात्र तीन लोगों को प्रमोट किया गया है. सब एडिटर निवेदन शिवपुरी को प्रमोट करके सीनियर सब एडिटर बना दिया गया है. निवेदन को संपादक अवधेश गुप्ता का खास माना जाता है.
इसके अलावा रिपोर्टिंग में संजय मिश्र एवं संदीप दुबे को प्रमोट किया गया है. इंक्रीमेंट में प्रबंधन ने तीन सौ रुपये तक का इंक्रीमेंट दिया है, लिहाजा कर्मचारी पहले से ही असंतुष्ट थे. इसके बाद प्रमोशन में भी कंजूसी ने कर्मचारियों के गुस्सा को और बढ़ा दिया है. इसके उलट बनारस के संपादक आशुतोष शुक्ला की इंक्रीमेंट में भले ही ना चली हो, लेकिन प्रमोशन में उन्होंने कोई कंजूसी नहीं बरती है. इस बार सबसे ज्यादा प्रमोशन हुए हैं. यानी आशुतोष शुक्ला ने अपने हिस्से की पूरी ईमानदारी बरती है.
वैसे भी बनारस और इलाहाबाद के डाइरेक्टर-संपादक वीरेंद्र कुमार कर्मचारियों को पैसे देने के मामले में काफी कंजूस माने जाते हैं. इनके बारे में कहा जाता है कि पैसा जाने का नाम सुनते ही इनकी हंफरी चलने लगती है और पैसा आने की बात सुनते ही खुश हो जाते हैं. ऐसे मालिक से लड़कर इंक्रीमेंट कराना मुश्किल है, लेकिन प्रमोशन में बैलेंस बनाया जा सकता था, लेकिन अवधेश गुप्ता इस मामले में भी चूक गए, जबकि आशुतोष ने इसमें बाजी मार ली.






