यशवंत भाई, इधर कई दिनों से पत्रकारों की जो साख गिरती जा रही है उस पर कुछ लिखिए। एक के बाद एक कई ऐसे केस सामने आ रहे है जिसमें पत्रकार कई अपराधों में लिप्त पाया जा रहा है। कानपुर की बात करें तो एक वकील रामेंद्र मिश्रा की हत्या में दो छाया पत्रकार नीरू मिश्रा और कुमार फंसे। उनका मामला अभी ठंडा नहीं पड़ा था कि हिन्दुस्तान टाइम्स के ब्यूरो चीफ हैदर नकवी का नाम एक वकील की हत्या में आ रहा है।
ये बात अलग है कि वो अपनी पत्रकारिता के दबाव के कारण छूट गए हैं और फिलहाल कानपुर में उनकी गिरफ्तारी को लेकर वकीलों का बवाल जारी है। हैदर नकवी को तो लोग भली भांति जानते हैं। वो खुलेआम दलाली करता था। मैं भड़ास में भी पढ़ती रहती हूं कि कहीं न कहीं पत्रकार किसी न किसी अपराध में लिप्त पाया गया।
कानपुर से एक महिला जर्नलिस्ट द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.





