नई दिल्ली। एक भारतीय यूनिवर्सिटी के लेक्चरर को दुबई में गिरफ्तार कर लिया गया। इस लेक्चरर ने दुबई स्थित एक यूनिवर्सिटी के खिलाफ ब्लॉग लिखा था। कुछ हफ्ते पहल यह लेक्चरर बिजनेस वीजा पर दुबई गया था, तभी उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
अधिकारियों ने इसकी पुष्टि करते हए बताया कि लेक्चरर को जमानत मिल गई है लेकिन उसका वीजा जब्त कर लिया गया है। वह ट्रेवल नहीं कर सकता। अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि उसने कौनसा कानून तोड़ा था। दुबई की न्यूज एजेंसियों ने पुलिस अधिकारियों के हवाले से बताया है कि दुबई स्थित एक यूनिवर्सिटी के खिलाफ ब्लॉग लिखने के मामले में लेक्चरर वांटेड था।
गिरफ्तार किए गए लेक्चरर ने 2008 से 2012 के बीच यूनिवर्सिटी में सीनियर लेक्चरर के रूप में सेवाएं दी थी। उसका कहना है कि उसे नोटिस या सफाई दिए बगैर यूनिवर्सिटी छोड़ने के लिए कह दिया गया। यूनिवर्सिटी प्रशासन के इस फैसले को उसने दुबई की कोर्ट में चुनौती दी। कोर्ट ने उसके पक्ष में फैसला सुनाया।
कोर्ट ने उसे सेवा समाप्ती तक के लाभ देने का आदेश दिया। इसके बाद लेक्चरर ने संस्थान के खिलाफ ब्लॉग लिखा। उसने संस्थान के बर्ताव को मानव अधिकारों का हनन बताते हुए कर्नाटक हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। ऑन लाइन प्लेटफॉर्म पर अपनी स्टोरी बताते हुए लेक्चरर ने कहा कि टीईसीओएम मामले को दुबई कोर्ट ले गई। कोर्ट ने तुरंत मेरा पासपोर्ट लौटाने का आदेश दिया लेकिन मुझे यह देखकर हैरानी हुई कि कोर्ट ने मानव अधिकारियों के उल्लंघन पर न तो उन पर कोई जुर्माना लगाया गया औ्रर न ही उन्हें दंडित किया गया। साभार : पत्रिका





