ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों शेन वॉटसन व ब्राड हैडिन के मुंबई अंडरवर्ल्ड के एक शख्स द्वारा उनसे संपर्क किए जाने के खुलासे के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के भ्रष्टाचार निरोधक दस्ते ने अपनी छानबीन शुरू की थी। आईसीसी के सूत्रों के मुताबिक उनके पास क्रिकेट आस्ट्रेलिया की तरफ से एक शिकायत आई थी। ये शिकायत क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने अपने देश की टीम के दो खिलाड़ियों शेन वॉटसन और ब्राड हाडिन की सूचना पर भेजी थी।
कहा जाता है कि इंग्लैंड के पिछले साल के दौरे पर मुंबई अंडरवर्ल्ड के एक शख्स ने इन दोनों से संपर्क किया और मैच फिक्सिंग में मदद करने की बात की। दिलचस्प बात ये है कि ये हरकत उसी वेस्ट लन्दन होटल में हुई जहाँ ऑस्ट्रेलिया की टीम ठहरी हुई थी। वॉटसन से इस शख्स ने जहां लॉर्ड्स टेस्ट के बाद संपर्क किया वहीं, हाडिन को ये प्रस्ताव ट्वेंटी 20 वर्ल्ड कप के दौरान मिला। इसकी सूचना इन दोनों ने तुरंत टीम प्रबंधन को दे दी थी।
उधर स्पाट फिक्सिंग के आरोप में तीन क्रिकेटरों की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली के पुलिस आयुक्त नीरज कुमार ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने अप्रैल में जांच शुरू की जब उसे सूचना मिली कि मुंबई अंडरवर्ल्ड सट्टा लगाने के लिए कई सट्टेबाजों और कुछ खिलाड़ियों से संपर्क कर रहा है. उनके अनुसार इस प्रकरण के तार विदेशों से जुड़े हैं और मुख्य साजिशकर्ता विदेश में बैठे हैं. क्या दाऊद इब्राहिम या और कोई अंडरवर्ल्ड सरगना इससे जुड़ा है, यह पूछने पर उन्होंने कहा, ‘‘जब तक पुख्ता सबूत नहीं मिलता तब तक किसी का नाम लेना मुश्किल है. ऐसा कोई सबूत नहीं है जिसके आधार पर मैं अंडरवर्ल्ड के किसी सदस्य का नाम ले सकूं. लेकिन यह कहना पर्याप्त होगा कि इसके तार विदेश से जुड़े हैं और हमारे पास इसका निश्चित तौर पर सबूत हैं.’’
‘‘हम अप्रैल से उन पर नजर रखे हुए थे. हमने उन्हें गलती करने का मौका दिया. मुख्य साजिशकर्ता विदेश में बैठा है. यह सब रातों रात नहीं हुआ. सट्टेबाज, प्रतिभावान खिलाड़ियों की पहचान करते हैं और फिर ऐसे लोगों की पहचान करते हैं जो समझौता कर सकें और वे एक निश्चित समय में यह काम करते हैं. यह सिर्फ संयोग है कि एक ही टीम के तीनों खिलाड़ी हमारी जांच के दायरे में आए. हम यह नहीं कह सकते कि अन्य टीमों और अन्य मैचों में ऐसा नहीं हो रहा, हम निश्चित तौर पर ऐसा कुछ नहीं कह सकते.’’
मुंबई अंडरवर्ल्ड की क्रिकेट सट्टा बाजार में दखल कोई नई बात नहीं है। शहर के सट्टेबाजों के इस कारोबार को लेकर बाकायदा दो गुट बने हुए हैं। शहर के सबसे धनी लोगों के इलाकों कोलाबा, महालक्ष्मी, ओपेरा हाउस, वर्ली और मरीन लाइंस जैसे इलाकों में जहाँ दाऊद इब्राहिम गिरोह का सिक्का चलता है, वहीं उत्तर मुंबई के घाटकोपर, चेंबूर, जोगेश्वरी के आगे के इलाके में छोटा राजन ने अपने गुर्गों को इस काम पर लगा रखा है।
पाकिस्तान क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों के कथित मैच फिक्सिंग में शामिल होने का खुलासा होने पर पहला झटका तो इन सट्टेबाजों को ये लगा है कि सट्टे की बुकिंग करने वालों का पैसा बाजार में डूब सकता है, क्योंकि सट्टा बाजार में फिक्स हुए मैच की जानकारी सामने आने पर मैच के नतीजे मायने नहीं रखते और बुकी इन मैचों पर लगे पैसे जब्त कर लेते हैं। यह भी खुलासा हुआ कि मजहर माजिद के मोहम्मद आसिफ की एक महिला मित्र से करीबी रिश्ते रहे हैं। इस महिला की पहचान एक पाकिस्तानी अभिनेत्री के तौर पर हुई है, और आईसीसी के पास इस बात की भी सूचना है कि क्रिकेट मैचों की फिक्सिंग में मीडिया के लोगों की भी मदद लेने की कोशिश की जाती है।
अगर जरा गौर से देखा जाए तो यह सिर्फ आधा सच भर है। भारत में आईपीएल की शुरुआत के पीछे एकमात्र उद्देश्य कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा पैसे बटोरना ही था। इसमें नैतिकता, अनैतिकता का कोई महत्व नहीं होता। और इन प्रभावशाली लोगों में पॉलिटिशियन क्रिकेटर सिनेमा के लोभी लोगों के साथ अंडरवर्ल्ड भी पीछे से शामिल रहा है. यहाँ तक कि अंतर्राष्ट्रीय धन्धेबाज भी इस सांठ गाँठ में शामिल हैं। सोचने की बात है भारत में अंडरवर्ल्ड की लम्बे समय से चली आ रही सक्रियता क्या क्या भारतीय राजनेताओं और प्रशासन की मिलिभगत के बिना संभव थी? कदापि नहीं। इस लूट में सभी की बराबर हिस्सेदारी रही है जो किसी से छुपी नहीं है. इस सारे मामले को महज अंडरवर्ल्ड का मामला बताना असलियत को छुपाना और जनता को गुमराह करना भर होगा।
लेखक शैलेंद्र चौहान जयपुर के निवासी हैं तथा पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं.





