एवेंडस कैपिटल के मुताबिक भारत में ऑनलाइन विज्ञापन का कारोबार करीब 1850 करोड़ रुपये का है जिसके वर्ष 2015 तक 7,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है। तेजी से बढ़ते भारत के ऑनलाइन विज्ञापन बाजार में आने वाले समय में गूगल कुछ आक्रामक कदम उठाने जा रहा है।
विज्ञापन का कारोबार वाकई में विशाल है लेकिन इस कारोबार का अधिकांश फायदा गूगल और फेसबुक जैसी बड़ी कंपनियां ले जाती है। इन दोनों की विज्ञापन बाजार में हिस्सेदारी करीब 29 फीसदी के आस पास है और गूगल एवं फेसबुक की विज्ञापन बाजार में हिस्सेदारी का अनुपात 55 और 60 फीसदी का है। एवेंडस कैपिटल की रिपोर्ट के मुताबिक, 'जहां गूगल का सर्च विज्ञापन बाजार और विज्ञापन नेटवर्क स्पेस में दबदबा है वहीं डिस्प्ले विज्ञापन बाजार में फेसबुक सबसे बड़ा खिलाड़ी है।'
डिस्प्ले विज्ञापन वेब पृष्ठ पर अलग अलग स्वरुपों में दिखाई देता है जिसमें वेब बैनर भी शामिल है। इन बैनरों में स्थिर और एनिमेटेड इमेज शामिल होते हैं और इसके साथ ही इसमें इंटरएक्टिव मीडिया भी शामिल है जिसमें ऑडियो और विजुअल एलिमेंट होते हैं। लेकिन गूगल दूसरी पारी के लिए तैयार नहीं है। गूगल डिस्प्ले विज्ञापन कंपनियों के अधिग्रहण पर वर्ष 2007 से अब तक 4 अरब डॉलर से अधिक का निवेश कर चुकी है जिसमें विज्ञापन कंपनी डबलक्लिक का अधिग्रहण शामिल है। इस कंपनी के अधिग्रहण में गूगल ने 3.2 अरब डॉलर का निवेश किया था। पिछले सप्ताह गूगल ने एडमेल्ड के साथ 40 करोड़ डॉलर के सौदे की घोषणा की थी, जो कि वेबसाइट प्रकाशकों को डिस्प्ले विज्ञापन के प्रबंधन और बिक्री में मदद प्रदान करती है।
कंपनी ने बताया था कि करीब 1,000 इंजीनियर डिस्प्ले तकनीक पर काम कर रहे हैं। गूगल के डिस्प्ले विज्ञापन के उप प्रमुख नील मोहन ने कहा, 'सर्च में गूगल के ज्ञान और अनुभव को देखते हुए हमने एक वन स्टॉप डिजिटल शॉप का निर्माण किया है जिसकी मदद से एजेंसियां और कंपनियां आसानी से शीघ्रतापूर्वक विज्ञापन स्पेस की खरीदारी कर सकती है।' साभार : बीएस





