दैनिक भास्कर, चंडीगढ़ की मुश्किलें खत्म नहीं हो रही हैं. नए संपादक की कार्यप्रणाली से नाराज लोगों का पलायन लगातार जारी है. खबर है कि इस बार सेंट्रल डेस्क की रीढ़ पर जोरदार झटका लगा है. सेंट्रल डेस्क पर कार्यरत चार लोग इस्तीफा देकर दूसरे संस्थानों से अपनी नई पारी शुरू करने जा रहे हैं. सूत्रों का कहना है कि ये लोग धीमान एंड कंपनी के रवैये से परेशान थे, लिहाजा पानी जब सिर के उपर होने लगा तो इन लोगों ने कंपनी को बाय कर दिया.
इस्तीफा देने वालों में रजनीश, नीतेंद्र द्विवेदी, पंकज कुमार एवं नितिन उपमन्यु शामिल हैं. रजनीश अपनी नई पारी चंडीगढ़ में ही हिंदी दैनिक ट्रिब्यून के साथ शुरू कर रहे हैं. नीतेंद्र ने राजस्थान पत्रिका, जयपुर ज्वाइन करने जा रहे हैं. जबकि पंकज द्विवेदी नवभारत टाइम्स, लखनऊ के साथ अपनी नई पारी शुरू करने जा रहे हैं. नितिन अपनी पारी कहां से शुरू करेंगे इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है. नितिन प्रबंधन के रवैये से नाराज होकर इस्तीफा दिया है.
सूत्रों का कहना है कि नितिन पीलिया से ग्रसित हैं. उन्होंने प्रबंधन से अवकाश की मांग की थी, परन्तु मैनेजमेंट ने छुट्टी देने से इनकार कर दिया. प्रबंधन के इस अमानवीय रवैये से नाराज होकर नितिन ने तत्काल अपना इस्तीफा संपादक को भेज दिया. माना जा रहा है कि नितिन स्वस्थ होने के बाद किसी नए संस्थान से अपनी नई पारी शुरू करेंगे. हालांकि इन चार लोगों के जाने के बाद भास्कर का सेंट्रल डेस्क अत्यन्त कमजोर हो गया है. सेंट्रल डेस्क किसी भी अखबार की आत्मा माना जाता है, परन्तु टीम में परिवर्तन होने के बाद भास्कर में आत्मा को ही लगातार घायल किया जा रहा है.
सूत्रों का कहना है कि ये चारो लोग लंबे समय से सेंट्रल डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. इन लोगों के जाने के बाद भले ही नए लोगों को सेंट्रल डेस्क पर तैनात कर दिया जाए, लेकिन तत्काल प्रभाव पड़ता तो अवश्यभावी माना जा रहा है, क्योंकि नए लोगों को सेंट्रल डेस्क की कार्यप्रणाली समझने में समय लगेगा. बताया जा रहा है कि कमलेश सिंह के जाने के बाद से ही नार्थ में अखबार की हालत पतली हुई है. अगर स्थिति ऐसी ही बनी रही तो भास्कर को अपने प्रतिद्वंद्वी अखबारों से मात खाने से रोक पाना काफी मुश्किल हो जाएगा.





