मुंबई। पुणे की येरवडा जेल में सजा काट रहे बॉलीवुड ऐक्टर संजय दत्त अभी तक 'बेरोजगार' थे। लेकिन अब खबर है कि उन्हें वहां पर न्यूज पेपर बाइंडिंग और पेपर फाइल बनाने का काम दिया गया है। फाइलों को एक से दूसरी जगह शिफ्ट करने की जिम्मेदारी भी उनको दी गई है। जानकारों का कहना है कि जेल अथॉरिटी ने सिक्युरिटी की वजह से संजू बाबा को दूसरे कैदियों से अलग रखते हुए यह कदम उठाया है।
संजय दत्त 42 महीने की सजा भुगतने के लिए येरवडा जेल में हैं। मुंबई बम ब्लास्ट केस में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अवैध रूप से एके-56 राइफल और 9 एमएम पिस्टल रखने के जुर्म में पांच साल की सजा सुनाई है। इसमें से करीब डेढ़ साल की सजा वह पहले ही काट चुके हैं। एक जेल ऑफिसर के मुताबिक, पिछली बार जब संजय दत्त जेल में थे, तब उन्हें कुर्सियां बनाने का काम दिया गया था, लेकिन इस बार उन्हें पेपर फाइल बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
हालांकि, उनके लिए दूसरे इनडोर जॉब भी प्लान किए जा रहे हैं। संजू को उनके काम के एवज में रोजाना 25 से 40 रुपये तक मिलेंगे। इसके अलावा, अच्छे बिहेवियर और अच्छे काम के लिए इनाम के तौर पर कुछ रकम अलग से मिल सकती है। संजय दत्त पिछली बार जब येरवडा जेल में थे, तब उन्होंने लकड़ी की कुर्सी बुनकर तैयार की थी। इसके लिए उन्हें 12.50 रुपये रोजाना मिले थे। बाद में, इस कुर्सी को नीलामी के जरिए बेच दिया गया था।
घर का बना खाना देने पर जेलर को ऐतराज : येरवडा जेल अधिकारियों ने संजय दत्त को घर का बना खाना दिए जाने की इजाजत के खिलाफ सोमवार को स्पेशल टाडा अदालत का रुख किया और जेल नियमावली का हवाला दिया, जिसमें कैदियों को इस तरह की सुविधा के विस्तार की इजाजत नहीं हैं। अदालत ने संजय दत्त को एक महीने तक घर का बना खाना और दवाइयां देने की इजाजत दी थी। जेलर योगेश देसाई ने बताया कि इस संबंध में अर्जी सोमवार को दाखिल की गई है और इसपर निर्धारित प्रक्रिया में सुनवाई की जाएगी। संजय दत्त को सरेंडर करने के बाद पहले आर्थर रोड जेल में रखा गया था और बाद में येरवडा जेल में ट्रांसफर कर दिया गया था। (एजेंसी)





