दिल्ली पुलिस में आज भी ईमानदारी मरी नहीं है। हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर पदस्थ कांस्टेबसल धर्मवीर ने इसे साबित कर दिया। स्टेशन पर एक मीडिया प्रोफेशनल का बैग गायब हो गया, जिसमें न केवल पांच लाख रुपए ते बल्कि आईपैड और कैमरा भी थे। लेकिन इन्हें देखकर भी पुलिसकर्मी की नियत नहीं डोली और उसने बैग लावारिस मिलने के बाद सुरक्षित वापस लौटाया। मीडिया में काम करने वाले शैलेंद्र धर अपने गृह नगर बिलासपुर जाने के लिए छत्तीसगढ़ संपर्क क्रांति पकड़ने स्टेशन पहुंचे। उन्होंने स्कैनर पर बैग रखा, लेकिन उठाना भूल गए। बाद में जब वह लौटकर आए, तो बैग वहां नहीं मिला।
उन्होंने तत्काल निजामुद्दीन स्टेशन पुलिस को सूचना दी। इसी बीच वहां ड्यूटी कर रहे कांस्टेबल धर्मवीर को बैग मिला। बैग में रखे पांच लाख रुपए और अन्य महंगे सामान देखने के बाद भी उनकी नीयत नहीं डोली और उन्होंने तत्काल वरिष्ठ अफसरों को इसकी सूचना दी। अंत में बैग धर के हवाले कर दिया गया। धर ने कहा कि वे तो बैग मिलने की उम्मीद पूरी तरह खो चुके थे। लेकिन पुलिसकर्मी ने पूरी ईमानदारी से अपनी ड्यूटी निभाते हुए बैग वापस लौटा दिया। इससे उनका पुलिस तंत्र में विश्वास मजबूत हुआ है। वरिष्ठ पुलिस अफसरों ने कांस्टेबल धर्मवीर को उचित पुरस्कार देने की अनुशंसा की है।





