मुख्य सूचना आयुक्त रणजीत सिंह पंकज ने आईजी कार्मिक तनूजा श्रीवास्तव पर 25,000 हज़ार रूपए का अर्थ दंड लगाया है. पंकज ने यह आदेश आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को जानबूझ कर सूचना नहीं देने के मद्देनज़र लगाया. ठाकुर ने सितम्बर 2012 में अपने काव्य संकलन “आत्मादर्श” के सम्बन्ध में डीजीपी कार्यालय से कुछ सूचनाएँ मांगी थी. लगातार सूचना नहीं मिलने पर मुख्य सूचना आयुक्त ने पिछली सुनवाई 02 अप्रैल को सूचना धारक आईजी कार्मिक को उपस्थित हो कर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिये थे.
आज श्रीवास्तव आयोग के सामने उपस्थित नहीं हुईं और उन्होंने यह कह कर सूचना दिये जाने से मना कर दिया कि शासन के स्तर से निर्णय होने के बाद ही उन्हें सूचना दी जा सकती है. पंकज ने इस उत्तर को पूरी तरह गलत पाया क्योंकि ठाकुर ने डीजीपी कार्यालय की पत्रावली के अभिलेख मांगे थे जिनका शासन के निर्णय से कोई वास्ता नहीं है और उन्होंने श्रीवास्तव पर पच्चीस हज़ार का दंड लगाया.





