नई दिल्ली : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए रमेश पोखरियाल निशंक ने पत्रकार, उद्यमी और एनएनआई के संपादक उमेश कुमार को जिस भी तरीके से परेशान करना था किया, इनामी बदमाश तक घोषित करा दिया, पर उमेश ने हार नहीं मानी. उमेश भी पूरे जोरशोर से छापामार तरीके से निशंक के कारनामों के खुलासे की अपनी लड़ाई लड़ते रहे और आखिरकार निशंक को कुर्सी से जाना पड़ा. अब उमेश ने एक नई विजयगाथा लिख दी है.
जेके टायर व कॉन्सटीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में दिल्ली में आयोजित एक वीआईपी कार रैली में उमेश अव्वल रहे. इस कार रैली में कई वीवीआईपी सहित 70 प्रतिभागियों ने भाग लिया. 50 किलोमीटर की इस कार रेस में एनएनआई न्यूज़ के संपादक उमेश कुमार व नेवीगेटर स्टार न्यूज़ के विकास भदौरिया ने सबसे पहले रेस कंप्लीट कर प्रथम स्थान हासिल किया. इस कार रेस में कई सांसदों, राजदूतों, प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के वरिष्ठ पत्रकारों ने भी अपनी कारों के साथ हिस्सा लिया. रैली की शुरुआत उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने हरी झंडी दिखा कर की.
कार रैली की शुरुआत रविवार सुबह कॉन्सीटीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया से हुई. इस कार रैली में बेंटले, मर्सिड़ीज़, सहित कई लग्ज़री कारों ने हिस्सा लिया. पचास किलोमीटर की ये रेस कॉन्सीटीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया से शुरू हुई जिसे उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने हरी झंडी दिखाया. इस रैली में कई सांसदों, राजदूतों, वरिष्ठ पत्रकारों व कई वीवीआईपी ने भाग लिया. जिन रास्तों से कार रेस होकर गुजरी उन रास्तों पर सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए थे. लोग अपनी महंगी कारों को लेकर रैली में भाग लेने के लिए पहुंचे थे. रेस दिल्ली के अति सुरक्षित इलाकों से होकर गुजरी. वहीं सड़क किनारे खड़े लोगों ने भी इस कार रेस का जमकर मजा लिया.
एनएनआई (न्यूज़ नेटवर्क ऑफ इंडिया) के संपादक उमेश कुमार भी अपनी मर्सिडीज़ कार लेकर पूरे जोश के साथ मैदान में उतरे. कुछ ही देर में उन्होंने एक के बाद एक 69 कारों को पीछे छोड़ते हुए 18 प्वाइंट लेकर विजयी रहे, वहीं रनरअप 11 प्वाइंट से पीछे रहा. इस रेस में नेवीगेटर की भूमिका में स्टार न्यूज के विकास भदौरिया ने उमेश कुमार का साथ दिया. जीत के बाद उन्हें ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया. उमेश कुमार इस जीत के बारे में कहते हैं- ''बचपन से ही कार चलाने का शौकीन रहा हूं. मैंने कभी किसी चीज में हार कुबूल नहीं किया. इसी कारण मैं अक्सर गुनगुनाता हूं- ‘हर बाजी को जीतना हमें आता है’.

विजेता टीम ट्राफी ग्रहण करती हुई

विजेता टीम की हौसलाअफजाई करते प्रख्यात पत्रकार दीपक चौरसिया.

अपनी विजय दिलाने वाली कार के साथ विजेता उमेश कुमार.





