चर्चा है कि जनसंदेश न्यूज चैनल का शटर गिर चुका है. सौ से ज्यादा लोगों की छंटनी हो चुकी है. इस चैनल में बस इसके हेड सैयदेन जैदी और दो-चार अन्य मीडियाकर्मी बचे हैं, और ये भी नौकरी ढूंढने में लगे हुए हैं. बताया जा रहा है कि चैनल को फिर से लाने की बात कही जा रही है, पर यह सब आश्वासन के सिवा कुछ भी नहीं. जनसंदेश न्यूज चैनल का बीच में नाम बदल दिया गया था. फिर भी चैनल नहीं चढ़ा क्योंकि काम पहले जैसा ही होता रहा.
जनसंदेश न्यूज चैनल में पत्रकारिता कम, ओबलाइज करने का धंधा ज्यादा किया जाता रहा. इस कारण न तो यह चैनल कंटेंट के कारण चर्चा में आ सका और न ही भरपूर धंधा पा सका. माया मिली न राम वाली स्थिति में चैनल बना रहा और अब अपनी गति को प्राप्त हो गया है. अभी उन लोगों के नाम नहीं मालूम हो सके हैं जिनकी छंटनी की गई है. अगर आपको इस चैनल को लेकर कुछ कहना, बताना, जानकारी देना हो तो भड़ास तक अपनी बात [email protected] के जरिए पहुंचा सकते हैं.





