नई दिल्ली । बहुब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई को लेकर मिले झटके को नजरअंदाज करते हुए सरकार डीटीएच और केबल टीवी नेटवर्क जैसी विभिन्न प्रसारण सेवाओं में विदेशी निवेश सीमा बढ़ाने के प्रस्ताव को आगे बढ़ा रही है। सूत्रों ने कहा कि प्रसारण क्षेत्र को उदार बनाने के लिए उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी किए गए कैबिनेट नोट के मसौदे को वित्त मंत्रालय ने अपनी मंजूरी दे दी है। विभिन्न खंडों में मोबाइल टीवी में 74 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति दी जाएगी।
उद्योग मंत्रालय के तहत औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग ने सुझाव दिया है कि हाई एंड इन दि स्काई (हिट्स) सहित प्रसारण कैरिज सेवाओं में एफडीआई सीमा में एकरूपता होनी आवश्यक है। हिट्स एक सैटेलाइट मल्टीप्लेक्स सेवा है जो केबल टीवी परिचालन के लिए केबल चैनल मुहैया कराती है। इस समय, केबल टीवी और डीटीएच में 49 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति है, जबकि हिट्स में यह 74 प्रतिशत है। वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया, ‘हम प्रसारण कैरिज सेवाओं में 74 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और कंटेंट सेवाओं में 26 प्रतिशत एफडीआई के डीआईपीपी के प्रस्ताव का समर्थन करते हैं।’ उन्होंने कहा कि प्रसारण एवं दूरसंचार क्षेत्रों में प्रौद्योगिकियों के विलय को देखते हुए एफडीआई नियमों में एकरूपता का प्रस्ताव किया गया है।





