मेरठ । प्रख्यात गीतकार भारत भूषण रविवार को पंचतत्व में विलीन हो गये। भारत भूषण (82) ने शनिवार को यहां नर्सिग होम में उपचार के दौरान अंतिम सांस ली। वह काफी समय से दिल की बीमारी से ग्रस्त रहे। भारत भूषण के निधन से साहित्य समाज के साथ ही कवियों में भी शोक व्याप्त रहा। रविवार को सूरजकुंड स्थित श्मशान में उनके पुत्र डॉ. कुमार पाटल ने मुखाग्नि दी।
गीतकार भारत भूषण को साहित्यकारों, प्रख्यात कवियों, राजनीतिक, सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों ने भी नम आंखों से अंतिम विदाई दी। गीत सम्राट रहे भारत भूषण का जन्म आठ जुलाई 1929 को दीपावली के दिन हुआ था। शिक्षक के रूप में कैरियर की शुरुआत कर भारत भूषण काव्य की दुनिया में आ गये। उनकी कविताओं और गीतो में सबसे ज्यादा चर्चित राम की जलसमाधि रही।






