: पुलिस की शह पर पुराने मामले में भिड़े पत्रकारों के गुट : झांसी में पुलिस और पत्रकारों के बीच चल रहे तनाव ने नया रूप ले लिया है. पुलिस की शह पर पत्रकार आपस में भिड़ गए, नतीजा यह हुआ कि पुलिस ने तीन पत्रकारों को अरेस्ट करके जेल भेज दिया. साथ ही अमित की गिरफ्तारी के विरोध में धरना दे रहा आंदोलन भी खतम हो गया. पुलिस ने पत्रकारों की गुटबाजी का पूरा फायदा उठाते हुए उन्हें जेल भी भेज दिया और अपनी धमक भी कायम कर ली.
उल्लेखनीय है कि आजतक के पत्रकार अमित श्रीवास्तव को फर्जी फंसाने का आरोप लगाते हुए पत्रकार इलेक्ट्रानिक प्रेस क्लब के अध्यक्ष शकील अली हाशमी के नेतृत्व में भूख हड़ताल पर बैठे हुए थे. अमित को पुलिस ने एक महिला के साथ रेप के आरोप के प्रयास में अरेस्ट किया है. पर इस गिरफ्तारी के पीछे कहानी यह है कि नवाबाद पुलिस आजतक पर कुछ खबरें प्रसारित किए जाने के चलते अमित से चिढ़ी हुई थी. मौका मिलते ही उन्होंने अमित को अरेस्ट कर लिया.
अनशन के चलते पुलिस एवं प्रशासन पर दारोगा के खिलाफ कार्रवाई का दबाव बढ़ रहा था, लिहाजा पुलिस ने चाल चल दी. शकील और नासिर के बीच पुरानी अदावत है, इसलिए पुलिस ने एक तीर से दो शिकार करने की ठानी. पहले तो अनशन खतम करने के लिए पत्रकारों को आपस में भिड़ाने की, दूसरे इस मामले को आपसी और पुरानी लड़ाई दिखाकर दोनों पक्षों अनशन स्थल से हटा देने की. इसी को ध्यान में रखकर पुलिस ने नासिर जैदी को शह दे दिया. झांसी के डीएम-एसपी पर भी भारी पड़ने वाले दारोगा जेपी यादव की शह पाकर नासिर जैदी अपने साथी पवन झा के साथ अनशन स्थल पर पहुंच गए.
वहां पहुंचकर उन्होंने विवाद शुरू कर दी. सारा मामला पुलिस के अनुसार ही चल रहा था लेकिन पवन झा द्वारा किसी और के रिवाल्वर से हवाई फायर तथा शकील के ऊपर हमला करने की कोशिश ने पुलिस की सारी योजना को उल्टा कर दिया. पत्रकार तथा स्थानीय लोग नासिर तथा पवन को पकड़कर पुलिस के पास ले गए तथा मय रिवाल्वर उन्हें पकड़वा दिया. रात नौ बजे तक पुलिस को मजबूरी में दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करनी पड़ी. पर पुलिस को किसी भी तरह अनशन खतम करवाना था, लिहाजा नासिर और पवन की तरफ से क्रास एफआईआर पुलिस ने दर्ज करवा दिया. इसके बाद रात दो बजे पुलिस ने शकील को अनशन स्थल से उठा लिया.
बताया जा रहा है कि पुलिस शकील के खिलाफ भी बलात्कार के मामले का मुकदमा दर्ज किया है. इसी मामले में अमित को भी फंसा कर जेल भेजा गया है. इसके बाद दोनों पक्षों की तरफ से आईपीसी की धारा 143, 148, 149, 307, 323, 504 व 506 के तहत मामला दर्ज कर लिया. इसके बाद पुलिस ने नासिर जैदी, पवन झा तथा शकील अली हाशमी तीनों को अरेस्ट कर लिया. इसके बाद उन्हें सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. इस तरीके से पुलिस ने अब अपने सारे मोहरे सेट कर लिए हैं.
उल्लेखनीय है कि झांसी में लंबे समय से पत्रकारों के बीच में गुटबाजी चलती आ रही है. सपा नेता चंद्रपाल यादव के लोगों ने भी चुनाव के दौरान मीडियाकर्मियों पर हमला किया था. उसमें भी पुलिस को सपाइयों ने शह दे रखा था. शासन का साथ मिलने के बाद झांसी की पुलिस पूरी तरह निरंकुश होकर पत्रकारों के खिलाफ मामले दर्ज किए. मौका मिलते ही उन्हें जेल भी भेज दिया.
झांसी में पत्रकार-पुलिस तथा सपाइयों के बीच विवाद के बारे में जानने के लिए निम्न लिंकों पर क्लिक करें –
अमित को फंसाए जाने के विरोध में अनशन पर बैठे झांसी के पत्रकार
रेप के प्रयास के आरोप में आजतक का पत्रकार अरेस्ट
यूपी में एक और पत्रकार पुलिसिया उत्पीड़न का शिकार
आजतक के रिपोर्टर अमित के खिलाफ मुकदमा दर्ज
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