प्रिय मित्रों. कृपया पूर्व प्रेषित 09 मई एवं 16 मई के ई-मेल का संन्दर्भ ग्रहण करना चाहें। मान्यता प्राप्त पत्रकारों को सैमसंग टैबलेट वितरण की अन्तिम तिथि 31 मई 2013 समाप्त हो चुकी है। जो जिम्मेदार पत्रकार साथी पूर्व मेें इस तथ्य से ही इंकार कर रहे थे कि ऐसा कोई वितरण चल रहा है और दिनॉक 11 मई 2013 को सचिवालय एनेक्सी के मीडिया सेण्टर में उत्तर प्रदेश राज्यमुख्यालय मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति की कार्यकारणी ने तो मेरे ऊपर एक तरह से हमला ही बोल दिया।
मान्यता समिति के सचिव ने तो यहॉ तक कह दिया कि यह नशे में किया गया ई-मेल है। ऐसा कुछ नहीं हो रहा है यदि वितरण हुआ है तो उन लोगो का नाम बताऐं जिन लोगो को टैबलेट दिये गयें हैं। लोग पच्चिस-पच्चिस साल की पत्रकारिता की दुहाई देकर अपने को पाक-साफ बताने लगे। और क्या क्या न कहा बताना श्रेयष्कर नहीं हैं,यदि उस समय मैं चुप न रहता तो स्थिति भयंकर हो सकती थी।
समाजवादी सरकार की पारदर्शी नीति पर पत्रकारों के ये ठेकेदार अंग्रेजो वाली डिवाइड़ एण्ड रूल की नीति का प्रयोग करने में लगे हुए हैं, जो इन ठेकेदारों की सुबह शाम की हुजूरी व इनकी फरमाइशें पूरी करते हैं वे बडे़ पत्रकार हो जाते हैं और जो इन की इस खुशामदीद में सहमती नहीं जताते वे नशे की हालत में कहलाते हैं। मुझे बडे दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि समाजवादी सरकार तोकतांत्रिक है वह अपने विरोधी पर भी अलोकतांत्रिक रवैया नहीं अपनाती, परन्तु यह गैर पंजीकृत संस्था अपने कृत्यों से सरकार को अलोकतांत्रिक करार देना चाहती है, जिसके अध्यक्ष और मंत्री पत्रकार हितों की आवाज उठाने वाले पत्रकार को जनरल डायर के तरीके से मसल देना चाहतें हैं इस संस्था की सलाह पर ही कुछ चिन्हित पत्रकारों को ही टैबलेट वितरित किये गये थे। इस वितरण का खुलाशा होने पर टैबलेट प्राप्त करने वाले कुछ पत्रकारों ने यह तथ्य उद्घाटित किये कि इस वितरण को गुप्त रखने की सलाह सूचना निदेशक ने दी है।
मेरे संज्ञान में आया है कि अभी कुछ मान्यता प्राप्त पत्रकारों को टैबलेट प्राप्त नहीं हुए हैं। यदि ऐसे पत्रकार टैबलेट लेने के इच्छुक है तो 03 जून को 12.30 पर प्रेस रूम सचिवालय भवन में आहूत की गई बैठक में उपस्थित हो कर बतायें कि वे टैबेलेट लेने के इच्छुक है अथवा नहीं। सरकार द्वारा उपलब्ध कराये गये टैबलेट को ग्रहण करना, लेने से इंकार करना अथवा लेने के पश्चात उसे वापस सूचना विभाग को सुपुर्द करना एक व्यक्तिगत मशला है इसलिए इस पर किसी भी प्रकार की बहस उचित प्रतीत नहीं होती। मूल प्रश्न समस्त मान्यताप्राप्त पत्रकारों को एक दृष्टि से देखे जाने का है।
(अनिल त्रिपाठी)
संयोजक
संयोजन समिति
उ0प्र0 राज्य मुख्यालय
मान्यताप्राप्त संवाददाता
अधिकार समिति
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