Arvind Kumar Singh : पत्रकारिता आखिर कौन कर रहा है…दिल्ली या राज्यों की राजधानियों में बैठे लोग या फिर गांव-गिरांव की खोज खबर लेने वाले लोग…इसी तरह सबसे अधिक जोखिम कौन ले रहा है..ऐसे बहुत से सवाल हिंदी और भाषाई पत्रकारिता के सामने खड़े हैं.
गुणवत्ता से लेकर जनता से जुड़ाव तक..जौनपुर और रायबरेली में हिंदी पत्रकारिता की जमीन को मजबूत करने वाले कुछ वरिष्ठ पत्रकारों से मिल कर और उनके बारे में जान कर मन श्रद्धा से झुक गया…सच तो यही है कि हिंदी पत्रकारिता इनके श्रम और साधना की देन है और इनको सम्मानित करने का फैसला करने वाले जौनपुर और रायबरेली के पत्रकार मित्रों को मैं बधाई देता हूं.
वरिष्ठ पत्रकार अरविंद कुमार सिंह की एफबी वॉल से साभार.





