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जेल में बस न्यूज चैनल ही देख रहे हैं श्रीशांत

तिहाड़ जेल। आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में तिहाड़ जेल की सलाखों के पीछे पहुंचे राजस्थान रॉयल्स के श्रीशांत बस सारा दिन अपने सेल में टीवी पर न्यूज देखते हैं। न्यूज देखकर वह अक्सर रुआंसा हो जाते हैं। श्रीशांत और अजित चंदीला को एक ही सेल में बंद न करके अलग-अलग सेल में बंद किया गया है। लेकिन दोनों के सेल की दीवार लगी हुई है।

तिहाड़ जेल। आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में तिहाड़ जेल की सलाखों के पीछे पहुंचे राजस्थान रॉयल्स के श्रीशांत बस सारा दिन अपने सेल में टीवी पर न्यूज देखते हैं। न्यूज देखकर वह अक्सर रुआंसा हो जाते हैं। श्रीशांत और अजित चंदीला को एक ही सेल में बंद न करके अलग-अलग सेल में बंद किया गया है। लेकिन दोनों के सेल की दीवार लगी हुई है।

तिहाड़ जेल के सूत्रों का कहना है कि दोनों खिलाड़ी जेल का पानी नहीं पी रहे हैं, बल्कि कैंटीन से मिनरल वॉटर की बोतल खरीदकर पी रहे हैं। श्रीशांत ने अभी तक एक बार भी जेल के लंगर में बना हुआ खाना नहीं खाया है। वह कैंटीन में बना हुआ खाना खा रहे हैं। जेल जाने से पहले जिस वक्त श्रीशांत और चंदीला स्पेशल सेल की कस्टडी में थे। उस वक्त दोनों का झगड़ा हो गया था। श्रीशांत ने चंदीला पर आरोप लगाते हुए कहा था कि उसकी वजह से ही वह फंसे हैं। दोनों में काफी कहासुनी हो गई थी। इसके बाद से दोनों को अलग-अलग रूम में रखा गया था।

यही बात श्रीशांत ने तिहाड़ जेल में पहुंचकर भी जेल अफसरों से कही थी कि वह चंदीला के साथ नहीं रहेंगे। इस वजह से श्रीशांत को जेल नंबर-1 के वॉर्ड नंबर-1 के सेल नंबर-3 में और चंदीला को सेल नंबर-4 में रखा गया है। दोनों के साथ कुछ और विचाराधीन कैदी बंद किए गए हैं। श्रीशांत न्यूज चैनल तो बदलते ही रहते हैं, साथ ही उसने अब न्यूज पेपर भी मंगवाना शुरू कर दिया है। गर्मी अधिक होने की वजह से वह दिन में दो बार नहा रहे हैं। सुबह 5 बजे उठना और रात को 11 बजे सोना उसके टाइम टेबल का हिस्सा बन चुका है। जेल में अभी तक उनका भाई ही उनसे मिलने आया है।

जेल अफसरों का कहना है कि चंदीला से कहीं अधिक श्रीशांत बेचैन रहता है। वह रात को भी बेहद कम सो पाता है। जबकि चंदीला इतनी अधिक टेंशन में नहीं लगता है। दोनों खिलाड़ियों की सुरक्षा में कहीं कोई कमी न रह जाए, इसके सख्त इंतजाम किए गए हैं। पहले जेल अधिकारी सोच रहे थे कि इनसे अन्य कैदियों को बोलिंग के टिप्स दिलाए जाएं। मगर अब जेल अधिकारियों का कहना है कि कहीं इन्हें अन्य कैदियों के साथ शामिल करने पर कोई इनके ऊपर हमला न कर दे। यही बात सोचते हुए इन्हें इनके सेल से बाहर नहीं निकाला जा रहा है। इनकी सुरक्षा के लिए टीएसपी यानी तमिलनाडु स्पेशल पुलिस के चार जवानों को तैनात किया गया है। वे उन पर राउंड द क्लॉक नजर बनाए रखते हैं। जेल अफसरों का कहना है कि क्रिकेट के गुर सिखाने के लिए कुछ कैदियों को इन्हीं के सेल में इनसे मिलवाया जा सकता है। मगर अभी इसके लिए राइट टाइम नहीं आया है। (एनबीटी)

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