Yashwant Singh : है किसी बड़े मीडिया घराने, बड़े अखबार, बड़े न्यूज चैनल या किसी न्यूज एजेंसी में हिम्मत जागरण के मालिकों के फर्जीवाड़े के खिलाफ जारी कोर्ट के सम्मन की खबर चलाने-दिखाने की…. डूब मरो पत्रकारिता करने वालों, जब अपने लालाओं उर्फ बनियों उर्फ मालिकों के काले कारनामों पर कलम नहीं चला सकते… ऐसी नैतिकता किस काम की कि आप दूसरों को उपदेश दो और अपने चोर मालिक पर चुप्पी साधे रहो… तुम लोग अब पत्रकार नहीं, एक डकैत गिरोह के मुंशी हो जो लूट के माल को इमानदारी से बांटने का काम करते हो… बात थोड़ी मेरी कड़वी जरूर है पर सच है…
भड़ास से तुम लोग इसीलिए घृणा करते हो, यशवंत पर तुम लोग इसीलिए आरोप लगाते हो क्योंकि भड़ास व यशवंत तुम लोगों की पोल खोलते हैं, असली सच्चाई दुनिया को बताते हैं… पूरे देश और सिस्टम को ब्लैकमेल करने वाले इन ब्लैकमेलर मीडिया घरानों, ब्लैकमेलर इनके संपादकों-मैनेजरों और ब्लैकमेलर इनके पत्रकारों की सच्चाई सबके सामने आनी चाहिए.. ध्यान रहे कि दैनिक जागरण के पहले दैनिक हिंदुस्तान भी अरबों रुपये के घोटाले के मामले में फंसा हुआ है और उसके भी मालिकों, संपादकों आदि के खिलाफ नोटिस, सम्मन, एफआईआर आदि हो चुका है… पर इनके खिलाफ खबर कहां चलेगी, छपेगी, दिखेगी क्योंकि खबरों के ठेकेदार मीडिया घरानों में आपस में एक दूसरे की चोरी-सीनाजोरी के खिलाफ कुछ भी लिखना, छापना, दिखाना मना है… क्योंकि… अंततः चोर-चोर मौसेरे भाई ही तो होते हैं….
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https://www.bhadas4media.com/print/11857-000.html
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मुजफ्फरपुर से ही नहीं, यूपी में भी कई जगहों से अवैध प्रकाशन कर रहा है दैनिक जागरण
https://www.bhadas4media.com/print/11859-2013-06-02-06-48-02.html
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https://www.bhadas4media.com/print/11860-2013-06-02-07-31-06.html
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Ansarul Haque Tusi kamal karte ho ji… Itna v n jante k.. chor chor mausera bhai:-P
Aamir Pasha ऐसे पत्रकारों से तो बढ़िया चाय वाला है जो लोगों को चाय पीला के दो पल का सुकून तो देता है। हमारे बिलासपुर छत्तीसगढ़ में भी ऐसा ही कुछ हाल है पत्रकारों का जो ईमानदार है वो कोना पकड़ लिया है और जो बाईमान है वो तोड़ी (टपोरी भाषा में बोले तो हफ्ता वसूली यहाँ पत्रकारों की फर्जी कमाई को तोड़ी बोलते हैं ) करता हुआ कार में घूमता है जिसे पत्रकारिता का "प" भी नही पता बस "र " से रुपैया सूझता है।
Ranjan Sahai दे मारा घुमा के…. Yashwant bhai permission to share
प्रयाग पाण्डे श्री यशवंत भाई ! मेरा स्पष्ट मानना है कि पत्रकारिता की साख और सरोकारों में आ रही गिरावट के लिए वही लोग सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं जो आज समाचार संस्थानों में उच्च पदों पर बैठे हैं। ये लोग पत्रकारिता को लेकर बात भले ही जितनी ऊँची हांक लें पर वे खुद मालिकों की चाकरी कर रहे हैं। उनकी तिजोरी भर रहे हैं। बदले में मोटी तनख्वाह पा रहे हैं। देश में पूंजीवाद, बाजारवाद और उपभोक्तावाद को बढ़ाने में अपना अमूल्य योगदान दे रहे हैं। इस घुप अँधेरे में उजाले की मंद किरण अभी बची है। अनेक खामियों / गिरावटों के वावजूद विश्व के तमाम लोकतान्त्रिक मुल्कों में आज आधुनिक "मीडिया" ही मजबूत विपक्ष की भूमिका निभा रहा है। खासकर भारत में। भड़ास फॉर मीडिया इसका जीता-जागता सबूत है।
Manoj Upadhyay यशवंत भाई…..देश की मीडिया पूरी तरह भ्रष्ट हो चुकी है. यह तो आप न होते तो यह जानकारी तक हमें नहीं होती कि जागरण के संपादको और प्रकाशकों को कोर्ट से सम्मन हुआ है.
Shanu Shrivastava bhadaas ko salaam……..
Jitendra Kumar Khanna-Journalist MAI TO SHURU SE KEHTA RHA HU K BADE MEDIA GROUPS MEANS BADE CHOR AUR DALAL..!! YE PUNJIVADI MEDIA MAFIA TO AKHBAR NAHI VASULI KI DUKAN CHALA RAHE HAIN,
AUR INKI KHABAR KAUN CHAPEGA, KAUN DIKHEAGA QKI CHOR-CHOR MAUSARE BHAI..!!
Sanjaya Kumar Singh मुझे उन छोटे मीडिया मालिकों का रुख समझ में नहीं आ रहा है जिनका हक जागरण और हिन्दुस्तान ने मारा है। ये सब क्यों नहीं छापते।
Saurabh Tripathi बहुत ईमानदार बनने वाले NDTV पर भी इस फर्जीवाड़े की कोई खबर नही .. अब कहाँ गई सरोकारों की पत्रकारिता ? ये सब साले दलाल हैं ..
Brajbhushan Prasad Jai Hind .
Sanjaya Kumar Singh देश के दो बड़े मीडिया संस्थानों की हालत। बगैर पंजीकरण संस्करण निकाल दिए, सरकार विज्ञापन देती रही और जब अदालत ने कार्रवाई की तो कहीं कोई खबर नहीं। इस फिक्सिंग पर कोई क्यों नहीं बोल रहा है।
Ranjan Sahai प्रजातंत्र के चार स्तंभों में से दो तो दलदल में धंस गए, अकेली न्यायपालिका कब तक संभालेगी !!!!
Naushad Ansarie यशवंत भाई सही कहा है आपने
Rao Amit Kumar Yadav Sahi kaha aapne . . Chor chor mausere bhai. .
Mohan Tiwari choro k akhbar ko pathak band kar denge kya….
Yogesh Garg "इस देश का कानून एक गधा है – बुद्धिमान लोग उसकी सवारी गांठते है और मूर्ख लोग उसकी दुलत्ती खाते है"
Kaushal Kishor Sharma ye to purane chor hay. ak jamane me k. g. b. se paisa lete the
बी.पी. गौतम वो भी तो चोट्टे ही हैं।
S.a. Asthana yashwant bhai baat kuchh hajam nahee huyee , ab chahte ho ki chhakke samseer bhaje to bhala yah kaisesambhav hogaa ! in kalam khoro se to haraamkhor hee achchhe hai jo seena taan kar haramkhoree karte hai
Zafar Imam yashwant sb.
ye kissi ik akhbaar ka haal nahi hai balkey kamoo baish sabhi ka yahi haal hai. Aur yahi wajah hai inki jayda tar khabaar pe logo ka bharosha nahi raha.. Haad to ye hai sabhi ik sath sur me sur Mila kar jhuth boltey hai,…
Vikash Mishra इस वक्त अगर किसी को कोई धोखाधड़ी करनी है तो वह मीडिया के कंधे पर ही बैठ कर करता है। वह चाहे धार्मिक धोखाधड़ी हो, राजनीतिक धोखाधड़ी या औद्योगिक धोखाधड़ी, सिनेमाई धोखाधड़ी या छोटी-मोटी धोखाधड़ी, सब कुछ मीडिया के ही कंधे पर बैठ कर संभव है। गोया मीडिया न हो धोखाधड़ी का प्लेटफ़ार्म हो, धोखाधड़ी का एयरपोर्ट हो, लाइसेंस हो धोखाधड़ी का। जिस की चौखट पर मत्था टेकते ही सारे काम हो जाते हैं। ( साभार – सरोकारनामा )
Bhaskar Sanwal भड़ास को धन्यवाद इस खबर को प्रकाशित करने के लिए
Mohan Tiwari HAHAM M SABHI NAGE HAI….JANAB……….
Mohan Tiwari HAHAM M SABHI NANGE HAI …….JANAB…….SWATANTRATA K AHSAS LOGO KO DHIRE DHIRE HONE LAGA HAI………………
Ajay Kumar Ojha Lage raho Bhai..
Farid Bharti Doston sach hamesha kadwa hota hai or pap ka ghada bhi aik din zarur bharta hai kyunki jaisa khaoge ann waisa hoga mann
लोकेश सालारपुरी सहारनपुर में इस ग्रुप की चीनी मिल है ………और यहाँ मिलो को लेकर घोटाले चल रहे है ,हम जिनके खिलाफ प्रोटेस्ट कर रहे है …….लेकिन ये अकेला अखबार है जो सारी खबरे किल करता है
राय संजय BHAEE AAJ SAMAJ KI BHI KHABAR AA RAHI HAI AISI HI …..
Ashok K Sharma यशवंत जी, आप बिलकुल सही कहते हैं. आज देश, समाज और कानून से बढ़कर कुछ लोगों के लिए उनकी अपनी दुकाने और उनका हित साधते रहना हो गया है. मीडिया के कुछ मासूम भाई तो खबरें क्रियेट करने, घटना के बिना वारदात बनाने, वारदात को नया एंगेल देने, मलाई काटने और किसी को भी बिना कुसूर अपनी खबर के ज़रिये गुनाहगार साबित करने का महान काम कर जाते हैं.
Rajesh Vajpayee true,now these day's,this place n post is called in every newspaper "black-box"of corruption n we [reporter at any portfolio] r also involved in his thieft bkz we proud to called himself staff rep-bureau chief-sr staff rep-spl correspondent-chief rep-news editor-dy re-resi editor n got 12000p/m to 1.5 lac "bheekh"towards this huge corruption.
Sanjeev Kumar “ Khel & Rajneeti (Khelo Me Rajneeti Ya RAJNEETI Me Khel)”
Seva Me, 1-C.M.,UP 2-Graha Mantri, U.P, 3-Nideshak, Khel, UP
Visay – Up Nideshak UP Ke BHRASTACHAR Ki Jach ke Abhav Me ATMAHATYa ke Sambandh Me.
Mahoday, Up Khel Nideshak UP Aadi ke Bhrastachar…See More
Sanjeev Kumar
Worked at LNUPE,Gwalior (Hockey Coach)Studied at LNUPE,GwaliorBorn on 1 February
Hemant Tyagi theek kaha chor chor mauserey bhai…..
Kuldeep Kushwaha सही बात यशवंत जी
Deepu Nasir salaam.
Dhiraj Bhardwaj भड़ास किसी बड़े मीडिया घराने से कम है क्या..? ऐसा कौन मीडिया घराना है जो भड़ास के आगे बौना नहीं दिखता हो..?
Durgesh Singh fully agree with Yashwant bhai
Hemant Tyagi bhadas kalamkaaron ki fauz hai baaki sab news paper/media mafiaon ki fauz hai……………..
रामकिशोर पवार बैतूल Bhaiya Pani Kanha Milega Eanhe
Shyamnandan Sharma आज देश में कॉर्परेट घरानों, राजनेताओं ,माफिया गठजोर पूरेदेश को लील रहा है । मिडिया आज उसका मुख्य सहयोगी है तथा इस लूट मैं हिसेदार है
Sanjay Chauhan desh ko ummid ki kiran nahi……… ab pls subah ka ujala kr do……!!!
Kaushalendra Kumar Rai sabhi media gharane aur patrkar chor hai gorakhpur me kafi pahle dainik jagran me shailendra mani tripathi sampadak rahe bhikhari se karodepati go gaya ab jansandes times me h yaha imandar patrkaro ka sallary hi nahi de raha h kya haga yashwant ji aur ap ho likhte nhi
Sunder Kumar andho k sahar me aaina bech rhe ho sir
ग्रामीण पत्रकार 'हिन्दुस्तान' बघौली DEKHO DILA KA DARD पत्रकार/कामकार
हम तो भैया 'कामकार' हैं।
लोग समझते पत्रकार हैं।।
ग्रामीण पत्रकारों का भोर, अख़बार संग में होता है।
खबर न छूटे कोई धोखे से, भयवश मन से सोता है।।
कोई न जाने क्या मिलता, पैसा मिलता या बेरोजगार हैं।
हम ————————————————————–।।
पास में आईकार्ड नहीं, खर्च नहीं कोई मिलता है।
जब भी इसकी मांग करो, अधिकारी सुन के बिगड़ता है।।
कोई साथ निभाता ना, पत्रकार कुछ चाटुकार हैं।।
हम ————————————————————–।।
दिखना मिलना और लिखना, खबर भेजना काम है।
सारा कुछ मैनेज करने में, लगता अपना दाम है।।
छोटों के लिए पत्थर दिलवाले, सम्पादक बड़कवा पत्रकार हैं।
हम ————————————————————–।।
खबर भेजनी की गारण्टी, छपवाना वश की बात नहीं।
वरिष्ठ लोग करते मनमानी, होते उनमे जज्बात नहीं।।
पत्रकारिता के कार्यक्रम, छपते नहीं कूड़ा कबार हैं।
हम ————————————————————–।।
'परदेशी' पत्रकारिता बिन, मन को आता चैन नहीं।
दिन कट जाये मुंह लटकाकर, रात को आये नींद नहीं।।
ग्रामीण पत्रकारों का शोषण, ना जाने कितने शिकार हैं ।।
हम ————————————————————–।।
मौलिक रचना
सुधीर अवस्थी 'परदेशी'
ग्रामीण पत्रकार 'हिन्दुस्तान'
बघौली (हरदोई) उत्तर प्रदेश
रचना समय- ०७:२१ सायं , दिनांक- ०१ जून 13
स्थान- लखनऊ-हरदोई मार्ग स्थित सहज जनसेवा केन्द्र सुन्नी निकट बघौली चौराहा
Gaurav Bajpai Welldone Bhadaas
Harish Baba Right sir…..well said.
Satish Kumar Dwivedi Saachai kadavi hoti hai
Radheyshyam Singh · Friends with Om Thanvi and 9 others
Bilkul sahi yaswant bhai enki kali kamai jo safedposhi me ho rahi hai uska pardafas hona hi chahiye.sahasi patrakarita ki badhayee.
Neeraj Singh YASHWANT JI AAPKE VICHAAR EKDAM SAHI HAI.PARANTU DUSRE PAHLU KO BHI DHYAN ME RAKHKAR KISI BAAT KO SARWAJANIK KARNA CHAHIYE .
Sunayan Chaturvedi jai ho
Alok Singh well done !! keep it up….be careful………………………….eak eak sey karwa banta chala jayega.god bless u!!! neeraj jee ney bhi sahi kaha hai..kisi bat ko sarjawanik karna tabhi uchit hai..jab iska sahi samay ho..
भड़ास4मीडिया के एडिटर यशवंत सिंह के फेसबुक वॉल से.





