हल्द्वानी श्रमजीवी पत्रकार यूनियन प्रत्येक साल पत्रकारिता दिवस पर कार्यक्रम आयोजित करती है. इस साल भी पत्रकारिता में जनविश्वास की चुनौतियां विषय पर गोष्ठी आयोजित की गई थी, जिसके मुख्य अतिथि उत्तराखंड विधानसभा के अध्यक्ष गोविंद कुंजवाल थे. इस अवसर पर वीकएंड टाइम्स के संपादक संजय शर्मा, जनसत्ता के प्रयाग पाण्डेय और ईटीवी के सर्वेश को उनकी उल्लेखनीय पत्रकारिता के लिए सम्मानित किया गया. सभी वक्ताओं ने मौजूदा समय में पत्रकारिता पर विस्तार से बातचीत करते हुए बदलते समय में मीडिया की जिम्मेदारी पर प्रकाश डाला.
भ्रष्टाचार को लेकर सुर्खियों में आये विधानसभा अध्यक्ष श्री कुंजवाल ने कहा कि जब पानी सिर से ऊपर होता है तब हालत बेकाबू हो जाते हैं. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पत्रकार ईमानदारी से समाज में बदलाब लाने में अपनी सार्थक भूमिका निभायेंगे. उन्होंने कहा कि मीडिया की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है कि वह सारे दबाब से मुक्त होकर ईमानदारी के साथ सही तस्वीर सामने लाये. अमर उजाला के संपादक सुनील शाह ने कहा कि पत्रकारिता भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में काफी हद तक सफल हुआ है. उन्होंने कहा कि बस्तर और हमारी स्थिति में कोई ज्यादा अंतर नहीं है. मुक्त विश्वविधालय के कुलपति सुभाष धुलिया ने कहा कि भले ही कितनी भी चुनौतियां आ जाये मगर जनपक्षीय पत्रकारिता के लिए पर्याप्त जगह है.

एक छात्रा शिवांगी ने पत्रकारों को आईना दिखने का काम किया. उसने कहा विज्ञान के दौर में समाचार पत्रों और चैनल को अंधविश्वास को बढ़ने से रोकना चहिये. हल्द्वानी के मेयर जोगिन्दर सिंह रौतेला ने कहा कि पत्रकारिता के कारण ही समाज में अभी भी लोग भ्रष्टाचार करने से थोड़ा हिचकते हैं. कार्यक्रम में उस समय ख़ामोशी छा गई जब एनडीटीवी के पत्रकार दिनेश मनसेरा ने कहा कि एक भू माफिया ने उन्हें रिश्वत देने की कोशिश की, जब उन्होंने मना कर दिया तो वो बोला कि भले ही खबर बना लो पर चलेगी नहीं और उनके चैनल में भी हफ्ते भर खबर नहीं चली. जब रवीश कुमार को पता चला तो उन्होंने यह खबर चलवाई.
यूनियन के जिला अध्यक्ष विपिन चन्द्रा ने कार्यक्रम पर प्रकाश डालते हुए आशा व्यक्त की कि आने वाले समय में हल्द्वानी के पत्रकार और भव्य कार्यक्रम आयोजित करेंगे. संचालन करते हुए वरिष्ठ पत्रकार गणेश पाठक ने पत्रकारों की समस्याओं का जिक्र करते हुए उनके निदान की मांग विधानसभा अध्यक्ष से की. उन्होंने कहा कि यूनियन ने उल्लेखनीय कार्य करने वालों को सम्मानित करने का फैसला किया इस कड़ी में वीकएंड टाइम्स के संपादक संजय शर्मा को इसलिए सम्मानित किया जा रहा है क्योंकि उन्होंने न सिर्फ अपने अखबार से सरकार को कई बार परेशानी में ड़ाल कर जनसमस्याओं को उठाया बल्कि उससे भी आगे जाकर उस समय मिसाल कायम कर दी, जब प्रदेश के प्रमुख सचिव नियुक्ति के खिलाफ ही हाईकोर्ट में जाकर यह याचिका दायर कर दी कि जब दो साल की सजा पाया शख्स चुनाव नहीं लड़ सकता तो तीन साल की सजा पाया आईएएस नौकरी कैसे कर सकता है.
कार्यक्रम में कई वक्ताओं ने भड़ास का जिक्र करते हुए कहा कि अगर अब मुख्य धारा की मीडिया खबर न छापे तो सोशल मीडिया प्रभावशाली ढंग से मौजूद है. कार्यक्रम में सम्मानित हुए संजय शर्मा ने पत्रकारों का आह्वान किया क़ि वह पत्रकार होने के साथ साथ एक्टिविस्ट की भूमिका भी अपनायें. अगर बड़े अखबार खबर नहीं छाप रहे तो सोशल मीडिया का सहारा लें. आरटीआई और जनहित याचिका करें और अफसरों और नेताओं का घिनौना घटजोड़ तोड़े.






