Abhishek Srivastava : जब तक बाराती नाचते रहे, गुड्डू रंगीला बजता रहा। जैसे ही हमारे दूल्हा यानी IIMC के सहपाठी और पत्रकार Ajeet Yadav को कार से उतारा गया, सैदपुर की धूल भरी सड़कों पर डीजे की धुन बदल गई, ''तेरे लिए सब सिग्नल तोड़-ताड़ के/आया दिल्ली वाली गर्लफ्रेंड छोड़-छाड़ के''…
आखिर क्या वजह है कि जेएनयू की पहाडि़यों से लेकर नोएडा के मजदूरों के बीच पिछले दस साल से जो सोच प्रचलित है, वह समूचे ग़ाज़ीपुर को भी पता चल गई… इसका बेहतर जवाब तो अजीत ही दे सकते हैं, बहरहाल शादी के दौरान अपने मित्रों में मैंने अगर Bijender Kumar के अलावा किसी को खुश देखा है तो वे अजीत ही हैं। शानदार जोड़ी, बेजोड़ बारात और खांटी गाजीपुरिया टच के साथ… अजीत को 2 जून की शादी मुबारक!!!
पत्रकार अभिषेक श्रीवास्तव के फेसबुक वॉल से.





