मुंबई। टेलिकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) ने हाल ही में कहा है कि टीवी चैनलों पर हर घंटे में 12 मिनट से ज्यादा के ऐड नहीं दिखाए जा सकते। इससे चार लीडिंग जनरल एंटरटेनमेंट चैनलों (जीईसी) ने ऐड रेट्स में 20-30 फीसदी की बढ़ोतरी की है।
कलर्स के सीईओ राज नायक ने कहा, 'बतौर ब्रॉडकास्टर हमें अभी तक डिजिटाइजेशन का पूरा फायदा नहीं मिला है। न ही सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू में बढ़ोतरी हुई है और ना ही कैरिज फीस में कमी आई है। हमें रेगुलेटर की बात माननी होगी। हालांकि, हमारे पास रेवेन्यू टारगेट हासिल करने के लिए ऐड रेट्स में बढ़ोतरी के अलावा कोई रास्ता नहीं है।' कलर्स ऐड रेट्स करीब 30 फीसदी तक बढ़ाने जा रहा है।
नायक ने कहा कि अभी जीईसी चैनलों पर पहले से ही ऐड इनवेंटरी की कमी है। नायक आने वाले दिनों में सप्लाई-डिमांड में बड़ा बदलाव देख रहे हैं। वहीं, सोनी के सीईओ मंजीत सिंह कहते हैं कि अधिकतर चैनल एडवरटाइजर्स के साथ लॉन्ग टर्म कॉन्ट्रैक्ट करते हैं। सिंह कहते हैं, 'हम विज्ञापन की दरों में बढ़ोतरी करने की सोच रहे हैं। जिन लोगों ने कम दरों पर इसके लिए कॉन्ट्रैक्ट किया है, हम उन्हें रिन्यू नहीं करेंगे।'
स्टार इंडिया के सीओओ संजय गुप्ता ने कहा कि मौजूदा डील का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन चैनलों को बिजनस हासिल करने के लिए नाटकीय ढंग से नए तरीकों के बारे में सोचना होगा। गुप्ता ने कहा, 'स्टार की इनवेंटरी 20 फीसदी तक कम हो गई है। ऐसे में आप बिना रेट बढ़ाए बिजनस नहीं कर पाएंगे। हम अक्टूबर से ऐड रेट्स में कम से कम 20 फीसदी तक की बढ़ोतरी करेंगे। ऐड का टाइम स्लॉट तय करने से हम कम विज्ञापन प्रसारित कर पाएंगे। इससे लोअर लेवल के 20 फीसदी क्लाइंट बाहर हो जाएंगे।'
जी एंटरटेनमेंट के एमडी और सीईओ पुनीत गोयनका ने बताया, 'ट्राई के डायरेक्टिव से व्यूइंग एक्सपीरियंस में बदलाव आएगा। हम सिलसिलेवार तरीके से सभी सेगमेंट में ऐड रेट्स बढ़ाएंगे।' जीईसी के बीच लगभग हर हफ्ते रेटिंग की लड़ाई तेज होती जाएगी। पिछले कुछ हफ्ते से स्टार प्लस 20 फीसदी के साथ ग्रॉस रेटिंग पॉइंट्स (जीआरपी) में सबसे आगे है, वहीं कलर्स और जी क्रमश: दूसरे और तीसरे नंबर पर हैं। सोनी चौथे नंबर पर है। भारत में कुल ऐड मार्केट में एक-तिहाई जीईसी के हिस्से में जाता है। ईएंडवाई के पार्टनर आशीष फेरवानी कहते हैं कि टाइम स्लॉट तय होने से जीईसी रिऐलटी टीवी जैसे हाई-कॉस्ट प्रोग्रामिंग में कम इनवेस्ट कर सकेंगे। उन्हें अधिक से अधिक सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू पर फोकस करना होगा। (ईटी)





