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सहारा के रिपोर्टर ने कॉलेज प्रबंधन से मांगे पचास हजार रुपये!

: शिकायत जिलाधिकारी से की गई : छतरपुर। मप्र के छतरपुर जिले में सहारा समय मप्र-छग के टीवी चैनल रिपोर्टर शीलबंत पचौरी पर शहर के एक कॉलेज संचालक आत्माराम पाण्डे ने कॉलेज चलाने व परीक्षा करवाने के एवज में 50 हजार रुपए की मांग करने का आरोप लगाया है। आत्‍माराम का कहना है कि रिपोर्टर ने उन पर वसूली करने का दबाव बनाया। कालेज संचालक ने सहारा समय रिपोर्टर शीलबंत पचौरी के इस कारनामे की शिकायत छतरपुर कलेक्टर, एसपी एवं मप्र-छग के सहारा समय के चैनल हेड मनोज मनु से की है।

: शिकायत जिलाधिकारी से की गई : छतरपुर। मप्र के छतरपुर जिले में सहारा समय मप्र-छग के टीवी चैनल रिपोर्टर शीलबंत पचौरी पर शहर के एक कॉलेज संचालक आत्माराम पाण्डे ने कॉलेज चलाने व परीक्षा करवाने के एवज में 50 हजार रुपए की मांग करने का आरोप लगाया है। आत्‍माराम का कहना है कि रिपोर्टर ने उन पर वसूली करने का दबाव बनाया। कालेज संचालक ने सहारा समय रिपोर्टर शीलबंत पचौरी के इस कारनामे की शिकायत छतरपुर कलेक्टर, एसपी एवं मप्र-छग के सहारा समय के चैनल हेड मनोज मनु से की है।

दरअसल छतरपुर में बीएनबी कला एवं संगीत महाविद्यालय कॉलेज में राजामान सिंह तोमर विश्वविद्यालय के सेमेस्टर प्रणाली की परीक्षाएं चल रही थीं, तभी 06 जून को सुबह 8.15 पर सहारा समय के रिपोर्टर शीलबंत पचौरी अपने दो अन्य साथियों के साथ बिना अनुमति के कॉलेज पहुंच गए और वहा अपने साथ लाए गाइड व किताबें रखकर परीक्षा की रिकार्डिग शुरू कर दी। जब कॉलेज संचालक व छात्रों ने इसका विरोध किया तो शीलबंत पचौरी ने मामला निपटाने के लिए 50 हजार रqपए की मांग की और कहा कि मैं इतना पॉवर फुल हूं कि एक घंटे के अंदर परीक्षा केंद्र की मान्यता समाप्त करा सकता हूं। उन्‍होंने यह भी कहा कि तुमने पिछले दो सालों संस्कृत परीक्षा बोर्ड के पैसे नहीं दिए वह भी 50 हजार रुपए प्रतिवर्ष के हिसाब से अभी चाहिए।

सहारा समय के पत्रकार शीलबंत पचौरी की इस करतूत के पास वहां परीक्षा दे रहे  छात्र-छात्रओं ने परीक्षा का बहिष्कार कर दिया कॉलेज संचालक के साथ कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक के समक्ष शिकायत करने पहुंच गए। उनके शिकायती आवेदन पर कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक ने जांच के आदेश दे दिए है। कॉलेज संचालक आत्मराम पाण्डे ने  सहारा समय के चैनल हेड मनोज मनु के मोबाइल पर बात की गई तो स्वयं चैनल हेड ने कहा कि उसकी बहुत शिकायतें मिलती है।  

आत्‍माराम का कहना है कि सहारा समय रिपोर्टर शीलबंत पचौरी के द्वारा पैसा वसूली का यह कोई पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी कई बार खबरों की आड़ में पैसा वसूली के आरोप लग चुके है जिसमें दो माह पूर्व शहर के स्वामी गुड़ वालों की तेल फैक्ट्री पर जाकर 50 हजार रुपए वसूलने के आरोप थे। जिनमें उसके कुछ साथी भी शामिल थे। इतना ही नहीं सहारा समय का यह रिपोर्टर निर्दोष व्यक्तियों पर पुलिस में रुपया लेकर फर्जी मुकद्वमें दर्ज करवाता है। हाल में ही इस रिर्पोटर ने युवमोर्चा नगर अध्यक्ष विनय तिवारी पर परेई रेत खदान के ठेकेदार शिवशंकर नायक से 1 लाख 22 हजार रुपए लेकर फर्जी मुकद्वमा दर्ज करवाया था। जिसकी पुष्टि स्वयं कोतवाली निरीक्षक ने की थी और कहा था कि कुछ पत्रकार दबाव डलवाकर मुकदमा दर्ज करवा रहे हैं।

आत्‍माराम ने ये आरोप भी लगाया कि कॉपरेटिब बैंक के सोसायटी चुनावों में भी सहारा समय के रिपोर्टर शीलबंत ने 2 लाख रुपयों की मांग बैंक कर्मचारियों से की थी, जब पैसे नहीं मिले तो शीलबंत पचौरी डीआर बीएस कोठारी के घर पर कुछ पत्रकारों को लेकर पहुंच गया था। बाद में डीआर ने सिविल लाइन थाने की पुलिस को बुला लिया था। उस समय भी इस रिपोर्टर ने मीडिया की खूब थू-थू करवाई थी।

इस पूरे मामले के संदर्भ में जब शीलबंत पचौरी से बात की गई तो उन्‍होंने कहा कि सारे आरोप झूठे तथा मनगढ़त है। उन्‍होंने जब नकल करते वीडियो बनाई और इसकी शिकायत डीएम से की तो विद्यालय प्रबंधन उनके ऊपर झूठे आरोप लगाने लगे। जबकि सच्‍चाई यह है कि विद्यालय में नकल हो रही थी, जिसके वीडियो भी मैंने बनाई है। आत्‍माराम द्वारा लगाए गए सारे आरोप गलत और झूठे हैं। कुछ मीडियाकर्मियों की शह पाकर वे अनर्गल आरोप मढ़ रहे हैं।

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