झांसी में पत्रकारों के उत्पीड़न का मामला लखनऊ तक पहुंच गया है. कुछ पत्रकारों की शिकायतों के बाद डीजीपी ने झांसी में एक टीम जांच के लिए भेजी है. इस टीम ने पीडि़त पत्रकारों के बयान लेने के अलावा कई और लोगों से पूछताछ की. पत्रकार झांसी में कोतवाली की जिम्मेदारी संभाल रहे दारोगा जेपी यादव के आतंक से परेशान हैं. इस दारोगा ने अब तक चार पत्रकारों को जेल भेजा है. साथ ही कई पत्रकारों पर दबाव बनवाने के लिए लगातार पुलिस के लोगों को इनके घरों पर भेजता रहा.
कहा जाता है कि जेपी यादव शिवपाल सिंह यादव का नजदीकी रिश्तेदार है, जिसके चलते कोई अधिकारी भी उसके खिलाफ कार्रवाई करने से डरता है. पहले इस दारोगा ने आजतक के अमित श्रीवास्तव को जेल भेजा. उसके बाद तीन अन्य पत्रकारों को भी आपस में लड़ाकर जेल भेज दिया. इसकी शिकायत कुछ पत्रकारों ने लखनऊ में पुलिस महानिदेशक से की, जिसके बाद डीजीपी ने जांच के लिए एक टीम भेजी है. यह टीम अपनी जांच रिपोर्ट डीजीपी को सौंपेगी.
पर जिस तरीके का मामला है, उसमें कम ही उम्मीद है कि जांच टीम भी निष्पक्षता से जांच करेगी. क्योंकि सत्ता से टकराव कोई नहीं चाहता है. हालांकि जांच टीम पत्रकारों के बयान दर्ज करने के अलावा इस पूरे मामले की जड़ में मौजूद महिला से भी काफी पूछताछ की.

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