अचानक से चैनल में हल्ला होता है, न्यूज हेड को बुलाया जाता है, अंदर से गुप्ताजी की आवाज आती है, सभी लडकियों को मेरे केबिन में बुलाओ। न्यूज हेड, लडकियों के नाम पुकारता है… ईना, मीना, डिका… रेखा, मीना, सीता ……. सभी……. सर के रूम में आओ, और सभी को भी बुलाकर लाओ, जल्दी से आओ सभी।
सभी लडकियां भागती हुई, एडीटर इन चीफ गुप्ताजी के केबिन में दाखिल हो जाती है। कुछ ही देर बाद सर के रूम से न्यूज हेड के पढ़ने की आवाज आती है, न्यूज हेड भडास पर लिखी कोई खबर पढ़कर सुनाते हैं। ये सब सुनकर न्यूज रूम के बाकी लोग भी चौंक जाते हैं। लोग अपना काम जरूर कर रहे होते हैं लेकिन उनके कान अंदर की बातों की तरफ ही होते हैं। हर कोई ये सोच रहा होता है कि आखिरकार मसला क्या हैं।
कुछ देर बाद सभी लडकियां कमरे से बाहर आती हैं, और हर किसी के चेहरे पर अजीब सा खौफ होता है। इससे पहले की इनसे कोई कुछ पूछ पाता कुछ लडकियां कम्प्यूटर पर बैठकर कुछ टाइप करने लगती हैं। धीरे धीरे मामला समझ में आने लगता है। चैनल के बाकी लोगों को भी पता चल जाता है कि भड़ास पर उनकी कंपनी के बारे में कोई खबर छपी है। लोग अपना काम भी करते रहते हैं और उनकी नजर दूसरी ओर भी होती है।
इतने देर में न्यूज हेड भी सर के कमरे से बाहर आते हैं और हल्की से मुस्कुराहट के साथ कम्प्यूटर पर कुछ टाइप कर रही एंकर के पास पहुंचते हैं।
न्यूज हेड – कर रही हो ना।
एंकर – हां सर
न्यूज हेड – बताओ किसी ने भड़ास पर ही चैनल के बारे में इतना सब कुछ लिख दिया, अब सबको सुननी पड़ेगी।
न्यूज हेड – हल्की से मुस्कुराहट के साथ, तानाशाह लिखा है बताओ।
इतनी देर में एंकर बोलती है – सर आपकी तरक्की से जलते हैं लोग।
न्यूज हेड – अरे अगर कुछ कहना है तो सामने आकर कहें ना।
एंकर – सर ऐसे लोगो में सामने आने की हिम्मत थोड़े ही होता है।
न्यूज हैड – साले की ऐसी तैसी कर देता, अगर पता लग जाता तो।
न्यूज हैड अपने एक चमचे की तरफ देखकर मुस्कुराते हुए कहता है – ओए तेरे बारे में लिखा है।
चमचा – हें, हें, हें, हें, हें, हें, हें, हें, हें, हें, हें, हें, हें, हें, हें।
न्यूज हेड कुछ देर बाद रन डाउन प्रोड्यूसर के पास आता है – देखा आपने कितना कुछ लिखा गया है, भला आज तक किसी लड़की के साथ ऐसा कुछ हुआ।
मुस्कुराते हुए न्यूज हेड – सर लिखा है अगर नौकरी का डर ना होता तो लोग सुसाइड कर लेते, बताओ।
कुछ देर बाद पता चलता है कि जिन जिन लड़कियों को सर के कमरे में बुलाया गया था उन सब से कहा गया था कि सभी अभी के अभी भड़ास पर जो खबर छपी है उनके नीचे कमेंट डालें कि हमारे साथ ऐसे कुछ नहीं हुआ है। कर्मचारी लड़किया, एक एक कर खबर के नीचे कमेंट डालने लगती हैं।
न्यूज हेड न्यूज रूम में इधर उधर घुमकर फिर से सर के कमरे में चले जाते हैं। वहां क्या चर्चा हुई वो वही जाने, लेकिन उम्मीद है कि भड़ास पर खबर किसने छपवाई संभवत इस बात पर ही चर्चा हुई होगी।
कुछ देर बाद न्यूज हेड फिर से उसी एंकर के पास आता है – हो गया।
एंकर – हां सर,,, दोनों के बीच कुछ खुसर फुसर होती है। अब न्यूज हेड कम्प्यूटर पर कुछ टाइप करने लगता है। चैनल की बाकी लड़कियों से भड़ास की खबर के नीचे कमेंट डलवाया जाता है। कुछ मिनटों बाद बाद बात पूरे चैनल में फैल जाती है कि भड़ास पर चैनल के खिलाफ खबर छपी है और जिसे लेकर सर का पारा गर्म है।
चैनल के बाकी कर्मचारी – अबे खबर किसने छापी होगी।
दूसरा कर्मचारी – ये तो पक्का है लिखने वाले को चैनल के हाल के बारे में सब कुछ पता है।
तीसरा कर्मचारी – हां यार जिसने भी लिखा है वो अच्छा स्क्रिप्ट राईटर है।
चौथा कर्मचारी – अबे नहीं यार भड़ास वालों के पास भी तो अपने स्क्रिप्ट राइटर हैं। वो लोग भी तो इसमें मसाला मिलाकर लिखते हैं।
पांचवा कर्मचारी – अच्छा पता चल जाएगा ना ये खबर किसने भेजी है।
बीच में ही कोई बोलता है – अरे नहीं यशवंत कभी भी नहीं बताएगा कि खबर किसने भेजी है।
हर कोई एक दूसरे को हैरत भरी निगाहों से देखता है। शायद एक दूसरे की विश्वसनीयता परखने की कोशिश की जाती है। लेकिन नाम किसी का सामने नहीं आता है कि भड़ास पर ये सब किसने लिखा। कुछ घंटे बाद न्यूज हेड के पास से फिर से खुसर फुसर की आवाज आती है, नजर गई तो न्यूज हेड के चमचे उसके पास बैठे हैं। कान लगाकर सुनने पर पता चला कि न्यूज हेड कह रहा है कि जिसने भी खबर छपवाई है, एफआईआर करता हूं, साले का नाम हफ्तेभर में पता चल जाएगा।
एक चैनल के पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.