: बनारस में अपर श्रमायुक्त के सामने पेश हुए जागरण प्रबंधन के कारिंदे : 28 दिसंबर को दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने के आदेश : बनारस : '''मजीठिया वेज बोर्ड की कोई जरूरत नहीं है, हम अपनी सेलरी से खुश हैं'' जैसे वाक्यों से लिखे गुलामी के बांड पर जागरण प्रबंधन द्वारा हस्ताक्षर कराए जाने का प्रकरण बनारस में भी दैनिक जागरण के गले की फांस बन गया है. इस मामले में बरेली में जागरण ग्रुप के टैबलायड आई-नेक्स्ट के तीन पत्रकारों ने बगावत कर रखी है.
बनारस से खबर है कि काशी पत्रकार संघ के अध्यक्ष योगेश गुप्ता पप्पू एवं समाचार पत्र कर्मचारी यूनियन के मंत्री अजय मुखर्जी ने 26 नवम्बर को अपर श्रमायुक्त से गुलामी के बांड पर हस्ताक्षर कराए जाने की शिकायत की थी. इस शिकायत को संज्ञान में लेते हुए अपर श्रमायुक्त अनुराग मिश्रा ने दैनिक जागरण को एक नोटिस जारी किया था तथा इस मामले में स्पष्टीकरण देने को कहा था. आज इस मामले में उनके समक्ष दोनों पक्षों की सुनवाई हुई.
अपने शिकायत में श्री गुप्ता एवं श्री मुखर्जी ने कहा था कि दैनिक जागरण प्रबंधन जबरिया अपने कर्मचारियों से हस्ताक्षर करा रहा है इससे औद्योगिक अशांति का माहौल बन रहा है. इस दौरान मशीन में कार्यरत राजाराम ने भी जबरिया हस्ताक्षर कराने की शिकायत अपर श्रमायुक्त कार्यालय एवं डीआईजी के पास भेजी थी. राजाराम ने हस्ताक्षर करने से भी इनकार कर दिया था. इस मामले में शिकायतकर्ता योगेश गुप्ता पप्पू एवं अजय मुखर्जी दादा तथा दैनिक जागरण की तरफ से मैनेजमेंट के अंकुर चड्ढा तथा निशात अली अपर श्रमायुक्त के सामने पेश हुए.
अपर श्रमायुक्त ने जब दैनिक जागरण प्रबंधन की तरफ से आए दोनों लोगों से पत्रकारों के हस्ताक्षर कराए जाने के संबंध में पूछा तो वो पहले कुछ बता ही नहीं पाए. जब उन्होंने कहा कि आप लोग धमका कर कर्मचारियों से जबरिया साइन करवा रहे हैं, इस पर जागरण प्रबंधन के उन दोनों कर्मियों ने बताया कि मजीठिया वेज बोर्ड में एक लीगल ऑप्शन था कि अगर पत्रकार संतुष्ट हैं और स्वेच्छा से वेज बोर्ड की सुविधा लेने से इनकार करते हैं तो संस्थान को वेतन बढ़ाने को बाध्य नहीं किया जा सकता, इसलिए प्रबंधन सभी पत्रकारों से स्वेच्छा से हस्ताक्षर करा रहा था. पर इस दलील से अपर श्रमायुक्त संतुष्ट नहीं हुए.
उन्होंने 28 दिसम्बर को सभी कागजातों के साथ दोनों पक्षों को उपस्थित होने का निर्देश दिया. इस पर जागरणकर्मियों ने उक्त हस्ताक्षरित कागजात नोएडा भेजे जाने की बात अपर श्रमायुक्त को बताई, जिस पर उन्होंने कहा कि आप जैसे भी हो, 28 दिसम्बर को अपने-अपने रिकार्ड के साथ उपस्थित हों. पत्रकारों से किस कागजात पर हस्ताक्षर कराए गए उसे भी उक्त तिथि को लाया जाए. सभी कागजातों को देखने के बाद ही उस पर निर्णय लिया जाएगा. खबर है कि अपर श्रमायुक्त के आदेश के बाद जागरण प्रबंधन बदहवासी के हालत में है.
दैनिक जागरण प्रबंधन को लेबर आफिस की तरफ से भेजा गया नोटिस इस प्रकार है–






