दैनिक जागरण द्वारा समाचार-पत्र वितरकों के लिए चलाया जा रहा 'कर्मयोगी' अभियान आज जम्मू में बुरी तरह फ्लाप हो गया. इस अभियान के तहत वेंडर्स को एक साथ चार उपहार देने का दावा किया गया है. जिसमें सर्वश्रेष्ठ वितरक सम्मान, वितरक पहचान-पत्र, एक लाख की दुर्घटना बीमा पालिसी व छात्रवृत्ति योजना शामिल है.
जागरण की समाचार-पत्र वितरक विरोधी नीतियों व कम कमीशन देने के कारण जम्मू प्राविन्स वेंडर्स एसोशिएसन ने पिछले एक जून से अख़बार का बहिष्कार कर रखा है. वेंडर्स एसोशिएसन की मांगों को दरकिनार करते हुए भी आज जम्मू बस-स्टैंड पर 'कर्मयोगी' अभियान का 'नाटक' जागरण के स्थानीय प्रबंधतंत्र द्वारा किया गया. प्रातः पांच बजे से ही जागरण के काउंटर पर ढोल-नगाड़े बज रहे थे जिनकी धुन पर उनके ही कर्मचारी झूम रहे थे. समाचार-पत्र वितरकों के शामिल न होने पर जागरण के स्थानीय अधिकारियों के हाथ-पांव फूले हुए थे, परन्तु अपने मालिकों व उच्च अधिकारियों को सफल अभियान दिखाने के लिए जागरण एजेंट व एक अन्य अंग्रेजी अख़बार के एजेंट के यहाँ काम करने वाले लड़कों व पास में ही स्थिति एक दुकान के कर्मचारी को ढोल-नगाड़े की धुनों पर नचाया गया तथा उन्हें ही स्कीम को समझाते हुए फोटोग्राफी की गई.
इस तरह 'कर्मयोगी' अभियान को सफल बनाने के 'खूबसूरत नाटक' का मंचन किया गया. जम्मू प्राविन्स वेंडर्स एसोशिएसन के प्रधान आनंद शर्मा 'काके' ने दैनिक जागरण की इस घिनौनी हरकत की निंदा करते हुए कहा है कि समाचार-पत्र वितरकों क़ी जायज मांगों को ख़ारिज कर 'कर्मयोगी' अभियान का दिखावा करना उन्हें कितना महंगा पड़ेगा इसका अंदाज़ा शायद उन्हें नहीं है.




