दैनिक जागरण, बनारस में पेज मेकिंग को लेकर हालात खराब हैं. यहां पेजीनेटरों का टोटा पड़ा हुआ है. बताया जा रहा है कि जीएम के तानाशाही रवैये के चलते यहां ज्यादातर कर्मचारी टिकते ही नहीं हैं. पेजीनेटर के पद पर कार्यरत अरविंद तिवारी तथा कैलाश पांडेय इस्तीफा देकर अमर उजाला चले गए. दोनों लंबे समय से यहां कार्यरत थे, लेकिन हर बात पर जीएम अंकुर चड्ढा द्वारा यह धमकी दिए जाने, कि दो मिनट में निकाल दूंगा, से ये परेशान हो चुके थे.
सूत्रों का कहना है कि जीएम के इस रवैये से नाराज तमाम पेजीनेटर मौका तलाश रहे हैं. बताया जा रहा है कि दो दिन पहले एक और पेजीनेटर विजय यादव भी किसी वरिष्ठ के रवैये से नाराज होकर चला गया. दो दिन से वो कार्यालय नहीं आ रहा है. उसे मनाने का प्रयास किया जा रहा है. बताया जा रहा है कि संपादक आशुतोष शुक्ल संपादकीय के अलावा
और किसी मामले में हस्तक्षेप नहीं करते हैं, लिहाजा अंकुर को आईटी, मशीन और तमाम विभागों के कर्मचारियों को बात बात पर बेइज्जत करने की छूट मिल जाती है.
बताया जा रहा है कि हर किसी को दो मिनट में निकाल बाहर करने की धमकी दी जाती है. कई विभागों के कर्मचारी जीएम के इस रवैये से नाराज हैं तथा यहां से निकलने का मौका तलाश रहे हैं. अभी हाल ही में पेजीनेटरों की कमी के चलते अखबार में गड़बडि़यां भी जाने लगी हैं. इसी तरह मुगलसराय कार्यालय का भी एक ऑपरेटर इंचार्ज के व्यवहार से नाराज होकर चला गया. बताया जा रहा है कि कम पैसे में अत्यधिक शोषण के चलते कोई कर्मचारी यहां टिकना ही नहीं चाहता है. सब बस मजबूरी में काम कर रहे हैं.
जीएम के व्यवहार से नाराज पेजीनेटरों के जाने के बाद अब जागरण में पेजीनेटरों का टोटा पड़ा हुआ है. इसे देखते हुए जीएम ने दैनिक जागरण में ही पेजीनेटरों की आवश्यकता का विज्ञापन प्रकाशित करवाया. सूत्र बता रहे हैं कि अभी तक कोई काम का पेजीनेटर दैनिक जागरण से जुड़ नहीं पाया है. और जिस तरह की स्थिति है उसको देखते हुए कहा जा रहा है कि नवसिखिए ही अखबार से जुड़ेंगे. काम जानने वाले जागरण की कार्यप्रणाली के चलते शायद ही अखबार ज्वाइन करे.





