ललितपुर : झांसी में दबंग दरोगा द्वारा पत्रकारों के साथ किये गये दुर्व्यवहार से ललितपुर के पत्रकारों में भी तीव्र रोष व्याप्त है। जिले के प्रिंट व इलेक्टोनिक मीडिया से जुड़े पत्रकारों ने प्रशासन को दिये एक ज्ञापन में झांसी में पत्रकारों को जेल भेजे जाने और धमकाने जैसे मामलों पर गहरा दुख प्रकट करते हुये कार्यवाही की मांग की है। इस दौरान पत्रकारों ने एक बैठक कर सम्पूर्ण घटनाक्रम की निंदा की है।
श्री न्यूज के संवाददाता अभय श्रीमाली ने इस दौरान कहा कि पत्रकार समाज का आईना है, समाज में जो कुछ भी घटित होता है, उसे पूरी ईमानदारी के साथ जनता के सामने लाना उसका प्रमुख दायित्व है। ऐसे में अगर कुछ लोग उसके जान के दुश्मन बन जाते हैं, तो पत्रकारों की सुरक्षा की पहली जिम्मेदारी पुलिस और प्रशासन की है। श्रीमाली ने अफसोस जाहिर किया कि झांसी में तो पुलिस प्रशासन ही पत्रकारों का उत्पीड़न कर रहा है।
सहारा उत्तर प्रदेश के संवाददाता दीपक सोनी ने भी झांसी में पत्रकारों के हुये उत्पीड़न के लिये जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ प्रशासन से कार्यवाही की मांग की। समाचार प्लस के संवाददाता शैलेन्द्र जैन व रफ्तार न्यूज के संवाददाता मनोज जैन ने कहा कि अगर यथाशीघ्र झांसी में अनशन कर रहे पत्रकारों को न्याय नहीं मिलता है, तो ललितपुर के पत्रकार भी इस आन्दोलन में कूद जायेंगे। अंत में सर्वसम्मति से झांसी के पत्रकारों को न्याय न मिलने और दोषी पुलिसवाले जे. पी. यादव के विरुद्ध कार्यवाही न होने तक ललितपुर के पत्रकारों ने काली पट्टी बांधकर विरोध करने का निर्णय लिया है। बैठक में जिले के पत्रकारों ने भारी संख्या में भाग लिया।





