भाई यशवंत जी, मैं आपके भड़ास मीडिया का बहुत बड़ा फैन हूं। वास्तव में जिन काले चेहरों को आप बेनकाब कर आम जनता के सामने ला रहे हैं आज के समय में उसकी सबसे ज्यादा जरूरत है। आज नहीं तो कल आपकी सेवा का फल पूरे देश को मजबूती के रूप में मिलेगा और मीडिया वास्तव में पुन: चौथा स्तंभ बन पाएगी। हाल ही में हुए नगर निगम चुनाव के दौरान अंबाला जाने का मौका मिला तो यहां की मीडिया की काली करतूतें देखकर दंग रह गया।
अंबाला में एक बड़े अखबार ने जहां पेड न्यूज प्रकाशित करने में बेशर्मी की सभी हदें लांघ ली तो खुद को दुनिया का नंबर एक कहने वाले दैनिक जागरण ने पत्रकारिता का कोई स्तर नहीं रखा। यहां के 20 वार्डों में से वार्ड नंबर 13 में अधिकतम 17 प्रत्याशी थे लेकिन जागरण ने वहां न केवल 24 प्रत्याशी प्रकाशित किए बल्कि अपना बेहूदा एनलसिस भी दिखा दिया। इस होनहार ने यहीं बस नहीं की उसने वार्ड नंबर 4 से 5 प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में दिखाया जबकि वहां मात्र 4 प्रत्याशी ही मैदान में थे।
इसी प्रकार इसी ने वार्ड नंबर 14 से 19 प्रत्याशी मैदान में दिखाए जबकि वास्तव में वहां से मात्र 12 प्रत्याशी थे। इसी प्रकार वार्ड नंबर 3 से 15 प्रत्याशी मैदान में थे लेकिन दैनिक जागरण ने इसे 18 दिखाया। वार्ड नंबर 15 में चुनाव मैदान में उतरे 10 प्रत्याशियों के स्थान पर 12 प्रत्याशी, वार्ड नंबर 20 से चुनाव मैदान में उतरे 11 प्रत्याशियों के स्थान पर 18 प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरे प्रकाशित किए हैं।
अब दैनिक जागरण ही बता सकता है कि नंबर एक अखबार में दिखाए गए बाकी प्रत्याशी कहां गए। जिज्ञासावश मैंने कुछ गहराई में जाने की कोशिश की तो सारा मामला साफ हो गया कि अंबाला में चीफ रिपोर्टर के पद पर एक ऐसा कमाउ पूत बैठाया हुआ है जो अपने आका के आशीर्वाद से खूब धन कमा और कमवा रहा है। खबर छपवाने के लिए मोटी सेवा होगी तो स्तर तो घटिया ही रहेगा न। आकाओं का यह सपूत अंबाला यूनिट में किसी को भी टिकने नहीं देता, एक को यह जागरण से आउट करवा चुका है तो दूसरे को ट्रांसफर करवा चुका है। पत्र के साथ चुनाव आयोग की लिस्ट भी भेज रहा हूं, सारी स्थिति खुद ही साफ हो जाएगी। यदि जागरण ऐसे ही रिपोटिंग करता रहा तो वह दुनिया का नंबर एक अखबार तो रहेगा लेकिन केवन नीचे से, धन्य हैं ऐसे पत्रकार जो पत्रकारिता को कलंक लगा रहे हैं।


नोट- यह मेरा पहला पत्र है, आपसे विनती है कि मेरा नाम कहीं प्रकाशित नहीं किया जाए। दोनों संलग्न पत्र स्वयं में प्रत्यक्ष प्रमाण ही हैं। आपको आगे भी ऐसे समाचार भेजता रहूंगा।
सादर
रा.





