Shambhu Dayal Vajpayee : उप्र के पर्यटन मंत्री ने गाजीपुर में जनसभा में कहा कि '' आप लोग मायावती जैसी बदसूरत औरत को पांच साल झेल सकते हो तो ………'' । ये मंत्री कोई ओम प्रकाश बताये जाते हैं। क्या ऐसे शख्स को मंत्रि परिषद से बर्खास्त कर आपराधिक धाराओं में मामला नहीं चलाया जाना चाहिए ? आप निजी तौर किसी से नफरत कर सकते हैं, उसके विचारों से असहमत हो सकते हैं , पर क्या आप अखिलेश सरकार के मंत्री हैं , इस लिए एक बडी पार्टी की प्रमुख और तीन तीन बार मुख्यमंत्री रह चुकीं सम्मानित नेता को कुछ भी कहने की छूट दी जानी चाहिए ?
Riyaz Hashmi ऐसे व्यक्ति को मंत्री पद पर रहने का नैतिक, सामाजिक और संवैधानिक अधिकार नहीं है। यह तो मंत्री पद की संवैधानिक शपथ के विपरीत और नस्लभेद की श्रेणी में आता है। राजाराम पांडेय तो एक आइएएस अधिकारी की तारीफ करने के बाद बर्खास्त हो गए, लेकिन ओमप्रकाश शायद नहीं किए जाएंगे, क्योंकि उन्होंने किसी आइएएस को नहीं बल्कि मायावती को निशाना बनाया है। भगवान इन नेताओं को सदबुद्धि दे।
Shambhu Dayal Vajpayee रियाज भाई , आज कल नेताओं में किसी के बारे में कुछ भी बोल कर चर्चा में आने की खतरनाक प्रवृत्ति बढ रही है।इससे समाज में विद्वेष फैलता है। ऐसे गैर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
Bareilly Live ऐसे लोग मानसिक दिवालियापन के शिकार हैं इनको तत्काल बर्खास्त पर आपराधिक मुकदम दर्ज करवाना चाहिए किन्तु यह देश का दुर्भाग्य है कि ऐसे लोगों के खिलाफ र्को कार्रवाई नहीं होती…ऐसे लोग जुबान फिसन गयी…या फिर मीडिया ने बयान को तोड़मरोड़कर छाया या दिखाया… की बात कहकर छूट जाते हैं
Ajai Bharti Sir u are very right there has to be some defenive administrative action against him
Shambhu Dayal Vajpayee Bareilly Live : इसमें तो जुबान फिसलना जैसा भी नहीं कह सकते। बाकायदा अपने भाषण में कहा है। चूंकि मायावती जी के बारे में कहा है इस लिए संभव है कि मुख्यमंत्री या सपा नेतृत्व मंत्री के खिलाफ कोई कार्रवाई न करे।
Shambhu Dayal Vajpayee Ajai Bharti : जी डाक्टर साहब, मंत्री होकर अगर उसे वरिष्ठ नेता का और वह भी महिला का सम्मान करना नहीं आता तो उसे पद रहने का अधिकार नहीं है और उसे सबक मिलना चाहिए।
वरिष्ठ पत्रकार शंभू दयाल बाजपेयी के फेसबुक वॉल से.
मंत्री के भाषण का वीडियो ये है—





