सेवा में, माननीय मारकंडेय काटजू, अध्यक्ष, भारतीय प्रेस परिषद, नई दिल्ली , विषय – वाराणसी के एसएसपी अजय मिश्र द्वारा विद्वेषपूर्ण ढंग से पत्रकारों पर दर्ज किये गए मुकदमे की विवेचना गैर जनपद अथवा स्वतंत्र जाँच एजेंसी से कराने तथा दोषी पुलिस कर्मियो के विरुद्ध आवश्यक क़ानूनी कार्यवाही करने के सम्बन्ध में, महोदय, प्रार्थी राम सुंदर मिश्र पुत्र श्री ज्ञान दत्त मिश्र निवासी बी 2/245 A भदैनी, थाना भेलूपुर,जनपद वाराणसी का रहने वाला है तथा पेशे से पिछले 14 वर्षो से पत्रकारिता कर रहा है। जी टीवी, एस टीवी, हमार टीवी, ज़ी न्यूज़ उत्तर प्रदेश / उत्तराखंड में कार्य करने के उपरांत वर्त्तमान में न्यूज़ स्ट्रीट ब्राडकास्ट प्राईवेट लिमिटेड में स्ट्रिंगर रिपोर्टर है। प्रार्थी आपसे निम्न निवेदन कर रहा है-
1. यह कि समाचार प्लस, सहारा समय उत्तर प्रदेश ,ज़ी न्यूज़ उत्तर प्रदेश /उत्तराखंड आदि चैनलो द्वारा दिनांक 23.06.2013 को " मणिकर्णिका घाट लाशो पर सट्टा " करके समाचार प्रसारित किया गया जिसमे दो लोगो को घाट पर प्रति घंटा शवों की आमद के हिसाब से रुपयों की जीत हार करते दिखाया गया।
2. यह कि उपरोक्त समाचार को समाचार प्लस , सहारा समय उत्तर प्रदेश ,ज़ी न्यूज़ उत्तर प्रदेश /उत्तराखंड ने प्रमुखता से स्थान देते आम लोगो के साथ प्रशासनिक अमले के विचार को प्रसारित किया ।
3. यह कि उपरोक्त समाचार को दिनांक 23.05.2013 समय लगभग 11 से 12 बजे दोपहर में प्रसारित करते हुए सहारा समय उत्तर प्रदेश / उत्तराखंड के ब्यूरो निमेश राय ने आम आदमी के साथ वाराणसी के एसएसपी अजय मिश्र को फ़ोन लाइन पर जोड़ते हुए सीधा संवाद जनता और रिपोर्टर से स्थापित करते हुए प्रसारित किया |सीधे जुडी जनता ने एसएसपी से कई सवाल पूछते हुए वाराणसी पुलिस की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े किये ।
4. यह कि जनता और संबाददाता द्वारा कटघरे में खड़े एसएसपी अजय मिश्र पत्रकारों से इतने नाराज हुए कि उन्होंने आनन् फानन में थाना चौक में अपराध संख्या 84/13 धारा 13 जुआ अधिनियम में दो अज्ञात ब्यक्तियो के खिलाफ दर्ज कर प्रसारित करने वाले सभी चैनलों को 160 सीआरपीसी की नोटिस देकर थाना चौक में पत्रकारों से पूछताछ की गयी ।पत्रकारों ने पुलिस के पूछताछ में पूर्ण सहयोग किया।
5. यह कि पूछताछ के बाद एसएसपी अजय मिश्र ने पूरा मामला पत्रकारों पर मोड़ते हुए उपरोक्त मुकदमे में से धारा 13 जुआ अधिनियम से बढाकर आईपीसी की 420,467,468,177,295A,298 जैसी गंभीर धाराओ में न्यूज़ नेशन के स्ट्रिंगर रिपोर्टर काशीनाथ शुक्ल व उसके कैमरामैन आसिफ को मुल्जिम बनाते हुए आसिफ को तीन दिन तक थाने बैठाकर प्रताड़ित करते रहे और आखिर कर जेल भेज दिया ।
6. यह कि न्यूज़ नेशन के स्ट्रिंगर रिपोर्टर काशी नाथ शुक्ल को पकड़ने के लिए पुलिस काशीनाथ शुक्ल के धर दविश देने लगी ,यही नहीं परिजनों पर दबाव बनाने के लिए पुलिस काशी नाथ शुक्ल की माँ ,बहन और गर्भवती पत्नी के साथ मारपीट ,गाली गलौज तथा बदसलूकी भी की।
7. यह कि वाराणसी पुलिस द्वारा काशीनाथ शुक्ल के परिजनों के उत्पीडन की शिकायत प्रार्थी ने राष्ट्रीय महिला आयोग तथा उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ,एडीजी ला आर्डर तथा पुलिस महानिरीक्षक वाराणसी जोन को ई मेल द्वारा की । इसके उपरांत पुलिस ने काशीनाथ शुक्ल के परिजनों का उत्पीडन बंद किया ।
9. यह कि इस मामले को संज्ञान में लेते हुए लखनऊ की सामाजिक सामाजिक कार्यकर्ती नूतन ठाकुर जी ने अजय मिश्र द्वारा पद कर दुरुपयोग करते हुए पत्रकारों के ऊपर दर्ज मुकदमो की प्रेस कौंसिल में अपना लिखित शिकायत दर्ज कराई .
10. यह कि एसएसपी अजय मिश्र द्वारा पत्रकारों के ऊपर किये जा रहे उत्पीड़नात्मक कार्यवाही का विरोध प्रार्थी द्वारा क़ानूनी और लोकतांत्रिक ढंग से किया जा रहा है । जिससे नाराज एसएसपी अजय मिश्र प्रार्थी का तरह तरह से उत्पीडन कर रहे है।
11. यह कि इसका प्रमाण सामने आया जब थाना चौक प्रभारी वाईपी शुक्ल द्वारा प्रार्थी को 160 सीआरपीसी की नोटिस दिनांक 10.06.2013 जारी किया गया । जबकि इस पुरे प्रकरण में (समाचार से सम्बंधित से) प्रार्थी को न तो कोई जानकारी थी और ना ही प्रार्थी के चैनल द्वारा प्रसारित हुआ है ।
12. यह कि उपरोक्त तथ्यों से स्वयं स्पष्ट है कि एसएसपी अजय मिश्र बदले की भावना से ग्रसित हो वाराणसी के पत्रकारों का उत्पीडन कर रहे है और अपने पद का दुरुपयोग करते हुए पत्रकारों पर फर्जी फर्जी मुकदमे दर्ज कर रहे है ।
13. यह कि ऐसे एसएसपी अजय मिश्र द्वारा बदले की भावना में पत्रकारों के ऊपर दर्ज कराये गए मुक़दमा अपराध संख्या 84/2013 धारा 420,467,468,177,295A,298 आईपीसी थाना चौक जनपद – वाराणसी की विवेचना में निष्पक्षपूर्ण होना सम्भव नहीं है ।
प्रार्थना
अतः श्रीमान जी से अनुरोध है कि समाचार प्रदर्शित होने से नाराज एसएसपी अजय मिश्र द्वारा विद्वेषपूर्ण कार्यवाही करते हुए थाना – चौक जनपद – वाराणसी में दर्ज मुक़दमा अपराध संख्या 84/2013 धारा 420,467,468,177,295A,298 आईपीसी की विवेचना गैर जनपद की पुलिस अथवा अन्य स्वतंत्र जाँच एजेंसी से कराते हुए दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ आवश्यक क़ानूनी कार्यवाही करने की कृपा करे ताकि निष्पक्षपूर्ण विवेचना हो एवं पत्रकारों के जान माल की सुरक्षा हो सके ।
प्रार्थी
राम सुंदर मिश्र
संवाददाता
न्यूज़ स्ट्रीट
9336933552,9918701615
सेवा में
पुलिस महानिदेशक
उत्तर प्रदेश , लखनऊ
विषय- वाराणसी के एसएसपी अजय मिश्र द्वारा विद्वेषपूर्ण ढंग से पत्रकारों पर दर्ज किये गए मुकदमे की विवेचना गैर जनपद अथवा स्वतंत्र जाँच एजेंसी से कराने के सम्बन्ध में
महोदय,
प्रार्थी राम सुंदर मिश्र पुत्र श्री ज्ञान दत्त मिश्र निवासी बी 2/245 A भदैनी , थाना भेलूपुर,जनपद वाराणसी का रहने वाला है तथा पेशे से पिछले 14 वर्षो से पत्रकारिता कर रहा है। जी टीवी, एस टीवी ,हमार टीवी ,ज़ी न्यूज़ उत्तर प्रदेश / उत्तराखंड में कार्य करने के उपरांत वर्त्तमान में न्यूज़ स्ट्रीट ब्राडकास्ट प्राईवेट लिमिटेड में स्ट्रिंगर रिपोर्टर है । प्रार्थी आपसे निम्न निवेदन कर रहा है-
1. यह कि समाचार प्लस , सहारा समय उत्तर प्रदेश ,ज़ी न्यूज़ उत्तर प्रदेश /उत्तराखंड आदि चैनलो द्वारा दिनांक 23.06.2013 को " मणिकर्णिका घाट लाशो पर सट्टा " करके समाचार प्रसारित किया गया जिसमे दो लोगो को घाट पर प्रति घंटा शवों की आमद के हिसाब से रुपयों की जीत हार करते दिखाया गया।
2. यह कि उपरोक्त समाचार को समाचार प्लस , सहारा समय उत्तर प्रदेश ,ज़ी न्यूज़ उत्तर प्रदेश /उत्तराखंड ने प्रमुखता से स्थान देते आम लोगो के साथ प्रशासनिक अमले के विचार को प्रसारित किया ।
3. यह कि उपरोक्त समाचार को दिनांक 23.05.2013 समय लगभग 11 से 12 बजे दोपहर में प्रसारित करते हुए सहारा समय उत्तर प्रदेश / उत्तराखंड के ब्यूरो निमेश राय ने आम आदमी के साथ वाराणसी के एसएसपी अजय मिश्र को फ़ोन लाइन पर जोड़ते हुए सीधा संवाद जनता और रिपोर्टर से स्थापित करते हुए प्रसारित किया |सीधे जुडी जनता ने एसएसपी से कई सवाल पूछते हुए वाराणसी पुलिस की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े किये ।
4. यह कि जनता और संबाददाता द्वारा कटघरे में खड़े एसएसपी अजय मिश्र पत्रकारों से इतने नाराज हुए कि उन्होंने आनन् फानन में थाना चौक में अपराध संख्या 84/13 धारा 13 जुआ अधिनियम में दो अज्ञात ब्यक्तियो के खिलाफ दर्ज कर प्रसारित करने वाले सभी चैनलों को 160 सीआरपीसी की नोटिस देकर थाना चौक में पत्रकारों से पूछताछ की गयी ।पत्रकारों ने पुलिस के पूछताछ में पूर्ण सहयोग किया।
5. यह कि पूछताछ के बाद एसएसपी अजय मिश्र ने पूरा मामला पत्रकारों पर मोड़ते हुए उपरोक्त मुकदमे में से धारा 13 जुआ अधिनियम से बढाकर आईपीसी की 420,467,468,177,295A,298 जैसी गंभीर धाराओ में न्यूज़ नेशन के स्ट्रिंगर रिपोर्टर काशीनाथ शुक्ल व उसके कैमरामैन आसिफ को मुल्जिम बनाते हुए आसिफ को तीन दिन तक थाने बैठाकर प्रताड़ित करते रहे और आखिर कर जेल भेज दिया ।
6. यह कि न्यूज़ नेशन के स्ट्रिंगर रिपोर्टर काशी नाथ शुक्ल को पकड़ने के लिए पुलिस काशीनाथ शुक्ल के धर दविश देने लगी ,यही नहीं परिजनों पर दबाव बनाने के लिए पुलिस काशी नाथ शुक्ल की माँ ,बहन और गर्भवती पत्नी के साथ मारपीट ,गाली गलौज तथा बदसलूकी भी की।
7. यह कि वाराणसी पुलिस द्वारा काशीनाथ शुक्ल के परिजनों के उत्पीडन की शिकायत प्रार्थी ने राष्ट्रीय महिला आयोग तथा उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ,एडीजी ला आर्डर तथा पुलिस महानिरीक्षक वाराणसी जोन को ई मेल द्वारा की । इसके उपरांत पुलिस ने काशीनाथ शुक्ल के परिजनों का उत्पीडन बंद किया ।
9. यह कि इस मामले को संज्ञान में लेते हुए लखनऊ की सामाजिक सामाजिक कार्यकर्ती नूतन ठाकुर जी ने अजय मिश्र द्वारा पद कर दुरुपयोग करते हुए पत्रकारों के ऊपर दर्ज मुकदमो की प्रेस कौंसिल में अपना लिखित शिकायत दर्ज कराई .
10. यह कि एसएसपी अजय मिश्र द्वारा पत्रकारों के ऊपर किये जा रहे उत्पीड़नात्मक कार्यवाही का विरोध प्रार्थी द्वारा क़ानूनी और लोकतांत्रिक ढंग से किया जा रहा है । जिससे नाराज एसएसपी अजय मिश्र प्रार्थी का तरह तरह से उत्पीडन कर रहे है।
11. यह कि इसका प्रमाण सामने आया जब थाना चौक प्रभारी वाईपी शुक्ल द्वारा प्रार्थी को 160 सीआरपीसी की नोटिस दिनांक 10.06.2013 जारी किया गया । जबकि इस पुरे प्रकरण में (समाचार से सम्बंधित से) प्रार्थी को न तो कोई जानकारी थी और ना ही प्रार्थी के चैनल द्वारा प्रसारित हुआ है ।
12. यह कि उपरोक्त तथ्यों से स्वयं स्पष्ट है कि एसएसपी अजय मिश्र बदले की भावना से ग्रसित हो वाराणसी के पत्रकारों का उत्पीडन कर रहे है और अपने पद का दुरुपयोग करते हुए पत्रकारों पर फर्जी फर्जी मुकदमे दर्ज कर रहे है ।
13. यह कि ऐसे एसएसपी अजय मिश्र द्वारा बदले की भावना में पत्रकारों के ऊपर दर्ज कराये गए मुक़दमा अपराध संख्या 84/2013 धारा 420,467,468,177,295A,298 आईपीसी थाना चौक जनपद – वाराणसी की विवेचना में निष्पक्षपूर्ण होना सम्भव नहीं है ।
प्रार्थना
अतः श्रीमान जी से अनुरोध है कि थाना – चौक जनपद – वाराणसी में दर्ज मुक़दमा अपराध संख्या 84/2013 धारा 420,467,468,177,295A,298 आईपीसी की विवेचना गैर जनपद की पुलिस अथवा अन्य स्वतंत्र जाँच एजेंसी से कराई जाय ताकि निष्पक्षपूर्ण विवेचना होते हुए न्याय हो ।
प्रार्थी
राम सुंदर मिश्र
संवाददाता
न्यूज़ स्ट्रीट
9336933552,9918701615
प्रतिलिपि —
1 – एडीजी ला एंड आर्डर
2 – आईजी वाराणसी जोन
3 – डीआईजी वाराणसी जोन





