एलएलबी द्वितीय वर्ष की छात्रा तनया ठाकुर और उनके भाई कक्षा 12 के छात्र आदित्य ने आज ब्रह्मर्षि श्री कुमारस्वामी नामक धर्मगुरु के खिलाफ लखनऊ के गोमती नगर थाने में औषधि एवं चमत्कारिक उपचार (आपत्तिजनक विज्ञापन) अधिनियम, 1954 की धारा 7 एवं भारतीय दंड संहिता की धारा 419 व 420 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कराया. श्री कुमारस्वामी भगवान श्री लक्ष्मी नारायण धाम से सम्बन्ध रखते हैं.
एफआईआर के अनुसार श्री कुमारस्वामी ने अपनी वेबसाईटों पर अपने अनुयायियों में इंग्लैंड की महारानी सहित 31करोड से अधिक अनुयायी होने की बात कही थी. उन्होंने न्यू योर्क सीनेट द्वारा उनके नाम पर एक दिन घोषित करने, भारत सरकार के विज्ञानं तथा तकनीकी मंत्रालय द्वारा बंगलोर के एक सरकारी प्रयोगशाला में उन पर अलग से प्रयोग होने, बीबीसी पर उनके चिकित्सकीय प्रतिभा का प्रदर्शन किये जाने, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की कुर्सी बचाने जैसे कई दावे किये हैं.
आदित्य व तनया के अनुसार उन्होंने इन तमाम दावों के असत्य औत भ्रामक प्रतीत होने पर इनकी पुष्टि करने हेतु लीगल नोटिस भेज कर श्री कुमारस्वामी से जवाब मांगे थे परन्तु उनकी की तरफ से कोई उत्तर प्राप्त नहीं हुआ. इसके साथ ही श्री कुमारस्वामी द्वारा बीजमंत्रों से भक्तों के एड्स, बहरापन, गूंगापन, कैंसर, नशे की लत आदि बीमारियों और कष्टों से मुक्ति दिलाने का दावा किया गया था और इस सम्बन्ध में विज्ञापन प्रकाशित किए गए थे. इस प्रकार के विज्ञापन औषधि एवं चमत्कारिक उपचार (आपत्तिजनक विज्ञापन) अधिनियम का उल्लन्घन हैं. पूर्व में इन दोनों छात्रों द्वारा निर्मल बाबा के खिलाफ मुक़दमा दर्ज कराया गया था.





