नई दिल्ली: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री एम. वीरप्पा मोइली ने सनसनीखेज खुलासा किया है। उन्होंने कहा है कि तेल आयात लॉबी उन्हें धमकाती है। नौकरशाही की तरफ से देरी की जाती है, विघ्न उत्पन्न की जाती हैं और अन्य लॉबियां भी यह नहीं चाहतीं कि हम आयात बंद कर दें। मोइली ने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि तेल आयात लॉबी से हर किसी पेट्रोलियम मंत्री को धमकियां मिलती रही हैं।
उल्लेखनीय है कि जयपाल रेड्डी को जब पेट्रोलियम मंत्री के पद से हटाया गया था तब भी आरोप लगा था कि सरकार ने पेट्रोलियम लॉबी के दबाव में झुककर यह फैसला किया है। आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल ने तब आरोप लगाया था कि रिलायंस को जयपाल रेड्डी से मुश्किल हो रही थी इसलिए उन्हें हटाया गया। रेड्डी को हटाकर वीरप्पा मोइली पेट्रोलियम मंत्री बनाए गए थे। इससे यह बात एक बार फिर साबित हो गई है कि मंत्रियों पर तेल लॉबी का भारी दवाब रहता है।
मोइली ने शुक्रवार को कहा कि तेल लॉबी मेरे फैसलों को प्रभावित करने की कोशिश कर रही हैं। सरकार ने तेल आयात खर्च को कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं। सरकार का टारगेट 2030 तक तेल आयात व्यय शून्य स्तर पर लाने का है। उन्होंने कहा कि वह लॉबी के दबाव में आने वाले नहीं हैं और अपने फैसले पर निरंतर आगे बढ़ते रहेंगे। मोइली से जब पूछा गया कि वह लॉबी का नाम क्यों नहीं बताते, उन्होंने कहा, 'मैं लॉबियों को नजरंदाज करता हूं। लेकिन मेरा सवाल है किसी के पास बेहतर सुझाव है तो मुझे बताएं या भेज सकते हैं। आलोचना करने में बुराई नहीं है लेकिन व्यक्तिगत आलोचना करना ठीक नहीं है।'
उनसे एक बार फिर यही सवाल दोहराया गया तो उनके जवाब था, 'मैं यह फैसला आप पर छोड़ता हूं। बस बहुत हुआ। इतिहास इसका गवाह है।' मोइली से जब पूछा गया कि जयपाल रेड्डी को तेल लॉबी के दबाव में हटाया गया था तो भी वह इस सवाल से कन्नी काट गए। उन्होंने कहा, 'इस बारे में आप उनसे ही पूछिए। इस बारे में बहुत कुछ लिखा जा चुका है और इसके भी जवाब दिए जा चुके हैं।'





