नई दिल्ली के विजय विहार थाने में शनिवार शाम को 16 वर्षीय किशोरी ने फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस के आला अधिकारियों की मानें तो किशोरी शुक्रवार सुबह से वसंत कुंज नॉर्थ थाना क्षेत्र से गायब थी। 16 साल की मोनू (बदला हुआ नाम) शुक्रवार सुबह 11 बजे अपने घर से गायब हो गई थी। पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज छानबीन शुरू की थी। इस बीच शुक्रवार देर रात को एक अनजान शख्स ने रिठाला मेट्रो स्टेशन पर किशोरी को देखा और अपने घर ले गया। शनिवार दोपहर 12 बजे वह मोनू को विजय विहार थाने छोड़ गया।
अभी विजय विहार थाना पुलिस ने दक्षिणी जिला पुलिस को सूचना दी ही थी कि इस बीच मोनू ने थाने के कमरे में कपड़े बदलने का बहाना बनाकर पंखे से लटककर फांसी लगा ली। महिला सिपाही ने उसे पंखे से लटके हुए देखा। छानबीन में पता चला कि परिजन मोनू की शादी उसके रिश्ते के मामा से कराना चाहते थे, लेकिन वह तैयार नहीं थी। इस कारण वह घर छोड़कर चली गई। हालांकि कुछ लोगों का यह भी कहना है कि मोनू किसी और युवक से प्यार करती थी और शुक्रवार को वह युवक के साथ घर से निकली थी।
बताया जाता है कि किशोरी से घंटों पूछताछ के बाद उसे महिला पुलिसकर्मियों के कपड़े बदलने वाले कमरे में ठहरा दिया था। कमरे में एक भी महिला पुलिसकर्मी नहीं थी। विजय विहार थाना पुलिस वसंत कुंज उत्तरी थाने के जांच अधिकारी व किशोरी के परिजनों को सूचना देने ही वाले थे कि तब तक साढ़े चार बजे किशोरी ने कमरे में चुन्नी के सहारे पंखे से लटक कर खुदकुशी कर ली। थाने में खुदकुशी करने की घटना मिलते ही जिला पुलिस के आला अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। घंटों बाद इसकी जानकारी वसंत कुंज उत्तरी थाना पुलिस को दी गई। ज्ञात रहे कि ढाई साल पहले भी विजय विहार थाने में एक युवक ने पंखे से लटककर खुदकुशी कर ली थी।
थाने में खुदकुशी कर लेने की इस घटना को पुलिस की बहुत बड़ी लापरवाही माना जा रहा है। किशोरी का शव पोस्टमार्टम के लिए अंबेडकर अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया है। पुलिस आयुक्त नीरज कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए, जिसके बाद महानगर दंडाधिकारी वंदना ने जांच शुरू कर दी है। घटना की जानकारी मिलते ही संयुक्त पुलिस आयुक्त वीरेंद्र चहल, एडीशनल पुलिस कमिश्नर बाहरी जिला संजय कुमार समेत सभी आला अधिकारी थाने पहुंच गए।






