यह अच्छी पहल है. चैनलों को देर से ही सही अकल आ गई है कि टैम के टामी दरअसल और कुछ नहीं बल्कि चैनलों के कंटेंट को बिगाड़ने वाले बदमाश हैं. भड़ास ने शुरुआत से ही टीआरपी और टैम को न्यूज चैनलों की सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक और टैम के सिस्टम को टोटली अनसाइंटिफिक बताया. साथ ही भड़ास ने टैम व इनके टामियों के खिलाफ लंबा अभियान भी चलाया. इसका असर देर से ही सही पर दिखने लगा है.
टैम की सेवाओं को बंद करने वाले ब्रॉडकास्टर्स की संख्या 9 हो चुकी है. एनडीटीवी, सोनी एमएसएम, वायकॉम18, नेटवर्क18, ज़ी टीवी और टाइम्स टेलीविजन नेटवर्क के बाद इंडिया टीवी, ब्लूमबर्ग टीवी और स्टार इंडिया ने भी लिखित रूप से टैम को बता दिया है कि वे उनकी सेवा अब सब्सक्राइव नहीं कर रहे.
अंग्रेजी बिजनेस चैनल ब्लूमबर्ग टीवी ने घोषणा की है कि वह तत्काल प्रभाव से टैम की सेवा बंद कर रहा है. चैनल ने टैम से कहा है कि वह इसके व्यूअरशिप के आंकड़ों को दिखाना बंद करे. इंडिया टीवी भी टैम की सब्सक्रिप्शन सेवा बंद करने वालों में शामिल हो गया है और उसने लिखित तौर पर टैम को सूचना दे दी है.
ब्लूमबर्ग टीवी के प्रेसिडेंट श्रीराम किलांबी का कहना है कि अपार्यप्त और अपूर्ण डाटा को दिखाने के बजाए डाटा को न दिखाना ज्यादा अच्छा है. अक्टूबर 2012 में ब्लूमबर्ग टीवी ने टैम के मीजरमेंट प्रणाली और अपार्यप्त सैंपल साइज पर सवाल उठाया था। स्टार इंडिया भी उन ब्रॉडकास्टर्स के साथ शामिल हो गया है जिन्होंने टैम की सेवा समाप्त कर दी है. इंडिया टीवी भी टैम की सब्सक्रिप्शन सेवा बंद करने वालों में शामिल हो गया है और उसने लिखित तौर पर टैम को सूचना दे दी है.
संबंधित खबर-
टैम और टामियों से दूर भागने लगे टीवी वाले, श्रीअधिकारी ब्रदर्स ने बोला गुडबॉय





