हमार टीवी और फोकस टीवी से नाता तोड़ चुके मीडियाकर्मियों ने चैनलों के मालिक मतंग सिंह से अपना बकाया पीएफ वसूलने के लिए श्रमिक अधिकारों के साथ लड़ने वाले संगठन कंफेडरेशन ऑफ फ्री ट्रेड यूनियन ऑफ इंडिया यानी सीएफटीयूआई के साथ मिल कर एक साझा अभियान शुरु कर दिया है।
दोनों चैनलों के कर्मियों का पीएफ करीब साढ़े चार साल से उनकी तनख्वाह में से कट रहा था जबकि सरकार के पास कुछ ही महीनों का आधा-अधूरा पीएफ ही जमा करवाया गया है। इस बात का पता अधिकतर कर्मियों को तब चल पाया था जब वे नौकरी छोड़ने के बाद अपने पीएफ की जानकारी लेने भविष्य निधि दफ्तर गये थे।
खास बात ये है कि पीएफ की रकम को जमा न करना एक गंभीर अपराध है, लेकिन कई पूर्व कर्मियों के शिकायत करने के बावजूद मतंग सिंह पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हो पायी। पिछले दिनों मतंग सिंह के कार्यालयों पर करीब दो साल पहले नौकरी छोड़ने वाले मीडियाकर्मियों ने पीएफ कार्यालय के उन अधिकारियों के खिलाफ भी शिकायत दर्ज़ करवायी थी, जिन्होंने बकाया रकम वसूलने में गंभीरता नहीं दिखायी थी, लेकिन अभी तक उस मामले में कोई परिणाम नहीं आया है।

सीएफटीयूआई, दिल्ली के महासचिव सुरेश प्रसाद ने बताया कि इस मामले में उनकी संस्था अदालत का भी सहारा लेगी और सभी दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करवायेगी। ग़ौरतलब है कि सीएफटीयूआई ने हाल ही में छह सौ से भी अधिक डीटीसी कर्मियों को उनका लाखों रुपये का बकाया पीएफ दिलवाया है।
हमार और फोकस दोनों चैनल पॉजिटिव मीडिया ग्रुप के नाम पर चल रहे हैं, जिसमें पूर्व सांसद मतंग सिंह के स्वामित्व वाली कुछ कंपनियां हैं। कुछ महीनों पहले चैनलों को छोड़ने वाले मीडियाकर्मी भी पुराने कर्मियों और संगठन के साथ मिलकर नये सिरे से कानूनी लड़ाई लड़ने के लिये हस्ताक्षर अभियान में शामिल हो रहे हैं। अभी दो दिनों पहले शुरु हुए इस हस्ताक्षर अभियान में अब तक 50 से भी अधिक पीड़ित कर्मी अपनी शिकायत दर्ज करवा चुके हैं। इस ग्रुप में काम कर चुके और पीएफ न पाने वाले सभी कर्मियों से अपील की गयी है कि वे सीएफटीयूआई के डी-4, आचार्य निकेतन, मयूर विहार, फेज-1 स्थित कार्यालय में खुद उपस्थित होकर अपनी शिकायत दर्ज़ करवायें। इस बारे में 01122759707 पर भी संपर्क किया जा सकता है।






