Nutan Thakur : बिना किसी कारण और सबूत के मनमर्जी अनुचित शब्दों का प्रयोग किये जाने पर मैंने सहारा क्यू शॉप यूनिक प्रोडक्ट्स रेंज लिमिटेड, मुंबई के निदेशक के खिलाफ थाना गोमती नगर, लखनऊ में धारा 500 आईपीसी के तहत मानहानि का मुक़दमा दर्ज कराया है.
मैंने अपने पति अधिकारी अमिताभ ठाकुर तथा एक अन्य व्यक्ति के साथ 06 नवंबर 2012 को सेबी तथा कंपनी रजिस्ट्रार, मुंबई समेत विभिन्न अधिकारियों को सहारा क्यू शॉप द्वारा विभिन्न विधिक प्रावधानों के विपरीत पैसा जमा कराये जाने के सम्बन्ध में जांच कराने के लिए पत्र भेजा था.
इस पर सहारा क्यू शॉप के निदेशक ने कम्पनी रजिस्ट्रार, मुंबई को भेजे 21 दिसंबर 2012 के अपने जवाब में आरोपों को झूठलाया ही नहीं, साथ ही हम लोगों पर यह आरोप लगा दिया कि हमने ऐसा अपने निहित स्वार्थवश कंपनी को अस्थिर करने के लिए किया है और हम सफेदपोश उगाही करने वाले (व्हाईटकॉलर एक्सटोर्सनिस्ट) हैं.
इस पर हमने निदेशक, सहारा क्यू शॉप को 01 फ़रवरी 2013 को नोटिस भेज कर उनसे कहा कि या तो वे अपने आरोपों के पक्ष में तथ्य प्रस्तुत करें कि उन्होंने हमें ऐसा क्यों कहा है या फिर अपनी गलती स्वीकार लरते हुए माफ़ी मांफ लें. कोई जवाब नहीं आने पर हमने 02 मई को दुबारा पत्र भेजा. अब हमारे द्वारा दी गयी समयसीमा बीत जाने पर भी डाइरेक्टर द्वारा कोई उत्तर नहीं मिलने पर मैंने इन शब्दों को अपनी ख्याति की अपहानि बताते हुए एफआईआर दर्ज कराया है.
आशा है आप मेरे इस कार्य से सहमत होंगे क्योंकि यदि कोई आदमी किसी पर कोई आरोप लगाता है तो उसे उन आरोपों को पुष्ट भी करना चाहिए, यह नहीं कि जो मर्जी आये आरोप लगा कर चुप करा देने की कोशिश करे.
डा. नूतन ठाकुर के एफबी वॉल से साभार.





