: 19 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मुकदमा : भिंड में तहसीलदार की पिटाई करने के आरोप में पुलिस ने दैनिक भास्कर के मेहगांव संवाददाता लक्ष्मण चौधरी समेत बीस लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 253, 147, 332 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. दरअसल रविवार को मेहगांव थाने की पुलिस ने बूचड़खाने ले जाई जा रही 18 गायों से भरी एक ट्रक को पकड़ा था, जिसमें से तीन गायों की मौत हो गई थी. सुबह जब भाजपा, बजरंगदल के लोगों को इस बारे में पता चला तो वो नाराज हो गए तथा आंदोलन करने की तैयारी करने लगे.
आक्रोशित लोगों ने तहसीलदार को मौके पर बुलाया. जब तहसीलदार अपने क्वार्टर से निकल रहे थे तभी भीड़ का नेतृत्व कर रहे दैनिक भास्कर अखबार के स्थानीय संवाददाता लक्ष्मण चौधरी एवं भाजपा व बजरंग दल के लोगों के बीच कहासुनी तथा गरमा-गरमी हो गई. नाराज लोगों ने तहसीलदार एसके गर्ग पर जूतों-चप्पलों से हमला बोल दिया. उनकी जमकर पिटाई हुई. तहसीलदार ने अपने साथ घटित घटना की शिकायत थाने में दी. इसके बाद आंदोलनकारियों ने भिंड-ग्वालियर हाइवे को जाम कर दिया.
जामकर्ताओं का आरोप था कि तहसीलदार ने खुद उन लोगों के साथ मारपीट की है तथा उल्टी शिकायत भी पुलिस से की है. नगर पंचायत उपाध्यक्ष राम शेष शर्मा, लक्ष्मण चौधरी समेत तमाम लोग सड़क पर लेटकर जाम लगाए रहे. इसके चलते हाइवे पर दोनों तरफ लम्बा जाम लग गया. बाद में मौके पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने समझा बुझाकर जाम समाप्त करवाया. प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के चलते पुलिस ने किसी पर भी मामला दर्ज नहीं किया. थाने पहुंचे जिले के आला अधिकारियों ने भी दोनों पक्षों में सुलह करान की कोशिश की परन्तु सफल नहीं हो सके.
सोमवार को तहसील खुलते ही तहसील के सभी कर्मचारियों ने तहसीलदार के साथ हुई घटना के विरोध में हड़ताल कर दी. पटवारी भी इस हड़ताल में शामिल हो गए तथा काम बंद कर दिया. आक्रोशित तहसीलकर्मियों ने कलेक्टर को आवेदन दिया तथा कार्रवाई की मांग की. कलेक्टर के दबाव के बाद सोमवार की देर शाम पुलिस ने लक्ष्मण चौधरी और उसके साथ के 19 अज्ञात लोगों के खिलाफ उपरोक्त मामलों में मुकदमा दर्ज किया. समूचे घटना क्रम को भास्कर पूरी तरह से दबा गया. उल्लेखनीय है कि लक्ष्मण चौधरी भास्कर के पत्रकार होने के साथ भाजपा युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष भी हैं.





