Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

प्रिंट-टीवी...

दैनिक जागरण ने छापा फर्जी विज्ञापन, चाइना से करिए एमबीबीएस!

देश के लोगों को अपने फर्जी विज्ञापनों से भरमाने का कार्य कर रहा है दैनिक जागरण। चाइना से एमबीबीएस की डिग्री का विज्ञापन इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री गुलाम नबी़ आजाद ने राज्य सभा में बताया था कि एमबीबीएस की कोई भी डिग्री भारत में मान्य नहीं है। जब कि अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैण्ड इन 5 अंग्रेजी भाषी देशों से मिली एमडी के डिग्री को ही मान्यता दी गयी है।

देश के लोगों को अपने फर्जी विज्ञापनों से भरमाने का कार्य कर रहा है दैनिक जागरण। चाइना से एमबीबीएस की डिग्री का विज्ञापन इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री गुलाम नबी़ आजाद ने राज्य सभा में बताया था कि एमबीबीएस की कोई भी डिग्री भारत में मान्य नहीं है। जब कि अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैण्ड इन 5 अंग्रेजी भाषी देशों से मिली एमडी के डिग्री को ही मान्यता दी गयी है।

दूसरे देशों से मेडिकल डिग्री देने वालों को नेशनल बोर्ड आफ एक्जामिनेशन की परीक्षा देनी होगी। ऐसी दशा में लाल बुद्धा मेडिकल एडवाईजर एकेडमी लखनऊ का कथित विज्ञापन प्रकाशित कर दैनिक जागरण किस तरह से सच का गला घोंट रहा है और लोगों की ऑख में धूल झोंक रहा है। चाइना में इंगलिश मीडियम में डब्लूएचओ एवं एमसीआई लिस्टेड इंडियन सेलेबस, इंडियन बुक्स 2300 इंडियन स्टूडेन्टस जैसी फर्जी कहानी गढ़ चाइना से एमबीबीएस डिग्री का झांसा देने वालों के खिलाफ तो प्रभावी कार्यवाही होनी चाहिए। साथ ही दैनिक जागरण अखबार आंख में धूल झोंकने वाले इस विज्ञापन में किस तरह संलिप्त है, इसकी भी जांच होनी चाहिए।

मीडिया का कार्य सच्चाई को सामने लाना एवं लोगों को जागरूक करना है न कि फर्जी लोगों की मदद करना है। जब भारत सरकार संसद में स्वयं घोषित कर चुकी है कि 5 अंग्रेजी भाषी देशों की एमडी डिग्री ही भारत में मान्य होगी तो फिर चाइना में ऐसा कौन सा यूनिवर्सिटी खुल गया जो भारतीय पाठ्यक्रम एवं किताबों के जरिए वहां पढ़ाई करा रहा है। मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया ने इस तरह के संस्थान को कब मान्यता दे दिया, बिना इसके जानकारी के दैनिक जागरण के लोगों ने इस तरह का विज्ञापन प्रकाशनन कर विज्ञापन की आचार संहिता का उलंघन तो किया ही है, लाखो पाठकों के साथ भी अन्याय किया है।

लेखक शमीम इकबाल पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता हैं.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...