यशवंत भाई, नमस्कार, नया रुचिकर मामला भेज रहा हूं। जैसा कि आपको तो पता ही है कि भारत के बड़े हिंदी दैनिक ''दैनिक भास्कर'' में संस्थान के प्रति निष्ठा का प्रदर्शन कितना मायने रखता है। इस प्रदर्शन की सीढिय़ों से कई लोग संपादक की कुर्सी के चौबार पर जा बैठे। पाठकों के लिए दोबारा दोहराता हूं कि भास्कर में संस्थान के प्रति लॉयल्टी मायने नहीं रखती, लॉयल होने का प्रदर्शन मायने रखता है। लोग नए नए तरीके से इसका प्रदर्शन करते रहते हैं।
इस कड़ी में बिल्कुल आफ बीट अंदाज में हरियाणा में भास्कर के सबसे पुराने ब्यूरोचीफ श्री नरेश भारद्वाज ने भास्कर की प्रिंटेड कॉपी के वस्त्र धारण किए और अपनी सीट पर बैठकर फोटो खिंचवाते ही इसे फेसबु़क पर डाल दिया। हरियाणा के कई पत्रकारों के इस पर कामेंट आए हैं कि ऐसा तो होना ही था। यानी सभी को लगता था कि एक दिन श्री भारद्वाज पूरी पब्लिक में आकर भास्कर के प्रति निष्ठा दिखाएंगे।

नरेश भारद्वाज को पत्रकारिता में करीब २३ साल हो गए। इस कैरियर में सबसे ज्यादा निष्ठावान भास्कर के प्रति रहे। भास्कर के हरियाणा में आते ही ब्यूरो चीफ के रूप में उनका राजतिलक हुआ था, तब से इसी कुर्सी पर विराजमान हैं। न इससे नीचे गए, न ऊपर उठे। लेकिन संस्थान के प्रति निष्ठा कायम है। इन्हें हरियाणा में भास्कर के मील के पत्थर के तौर पर जाना जाता है। उनके ऐसे खुले रूप से, भास्कर के रंग रंगाई चुनर वाले अंदाज पर पत्रकारिता बिरादरी में बड़ी चर्चा है। लेकिन हेड आफिस से पता चला है कि संपादक लोग सिर्फ मुस्कुराए, और कुछ नहीं। पता नहीं, मीरा की तरह भास्कर के इस दीवाने पर भास्कर की किरणें कितनी डल पाएंगी।
सोनू कुमार
हरियाणा





