नांदेड जिले के मुक्रमाबाद में आज और एक पत्रकार पिट गया. पिछले छह महीने मे पत्रकार पर हमले की यह 37वीं वारदात है. मुक्रमाबाद के पुण्यनगरी के संवाददाता संतोष हेसे ने शुक्रवार के इश्यू में मुक्रमाबाद के सरकारी अनाज के गोडाऊन से हो रही गेहूं की अवैध बिक्री कब रुकेगी, शीर्षक से खबर में गेहूं की अवैध बिक्री पर विस्तार से प्रकाश डाला था. इस खबर से क्रोधित बालाजी खंकरे, राम खंकरे और अन्य दो गुंडों ने गांव के भवानी चौक में संतोष पर हमला बोल दिया. हमले के दौरान काफी लोक मौजूद थे.
हमले में पत्रकार संतोष बुरी तरह से घायल हुए. गुंडो ने धमकी भी दी कि अगर इस हमले की खबर पुलिस में की तो घर में घुसकर पूरी फेमिली पर भी हमला करेंगे. इस हमले से पत्रकार के घर में घबरहाट का माहौल है. इस हमले की नांदेड जिला मराठी पत्रकार संघ ने घोर शब्दों मे अलोचना की है. मराठी पत्रकार परिषद के पर्व अध्यक्ष संजीव कुळकर्णी और केशव धोणसे पाटील के नेतृत्व मे पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने कल अतिरिक्त पुलिस सुपरिटेंडेंट तानाजी चिखले से मुलाकात करके हमलावरों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है. पत्रकार हमला विरोधी एक्शन कमेटी के अध्यक्ष एस.एम. देशमुख ने भी इस हमले की निंदा की है. महाराष्ट्र मे पत्रकारों पर हो रहे हमले में काफी बढोतरी हुई है. दुर्भाग्य की बात है कि महाराष्ट्र सरकार इन हमलों की अनदेखी कर रही है. इससे महाराष्ट्र के पत्रकरों मे काफी असरुक्षा का माहौल है.





