नई दिल्ली। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने उत्तर प्रदेश में एक हिंदी अखबार के पत्रकार को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का इस्तेमाल करने के कारण ‘झूठे’ मामले मे फंसाने के पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की है। आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि पत्रकार समीउद्दीन के मामले में प्रदेश की अपराध शाखा – सीआईडी के परस्पर विरोधी रिपोर्ट देने के बाद सीबीआई जांच की अनुशंसा की गई।
उन्होंने कहा कि पत्रकार समीउद्दीन को लखीमपुर पुलिस द्वारा कथित तौर पर झूठे मामलों में फंसाने के मामले में अपराध शाखा और सीआईडी की ओर से परस्पर विरोधी जांच रिपोर्ट देने के बाद आयोग ने सीबीआई के निदेशक को जांच की सिफारिश की है। प्रवक्ता ने कहा कि सीबीआई जांच की सिफारिश करते हुए आयोग ने मामले में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक और अन्य पुलिस अधिकारियों के आचरण की जानकारी भी मांगी है।





