एक दशक तक सक्रिय पत्रकारिता से जुड़े रहे उज्जवल को एमफिल में गोल्ड मेडल प्राप्त हुआ है. पत्रकारिता छोड़कर वे महात्मा गांधी अंतराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से एमफिल कर रहे थे. उज्जवल के शोध का विषय था 'स्ट्रिंगर की चुनौतियां'. उज्जवल ने दस साल पहले केबल चैनल से अपने पत्रकारिता की शुरुआत की थी.
वे तीन साल तक प्रभात खबर में कॉपी एडिटर और रिपोर्टर के रूप में काम किया. इसके बाद साढ़े चार साल तक आई नेक्स्ट, पटना को भी अपनी सेवाएं दीं. इसके बाद वे एमफिल करने वर्धा चले गए थे. उज्जवल बताते हैं कि उनके शोध कार्य में भड़ास4मीडिया का भी सहयोग रहा है.





